लखनऊ। लखनऊ में समाजवादी पार्टी संस्थापक Mulayam Singh Yadav के छोटे बेटे Prateek Yadav की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। आज सुबह विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर बेहोशी की हालत में मिले प्रतीक यादव को तत्काल सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में मामला सामान्य मौत से अलग नजर आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रतीक यादव के कमरे को सील कर दिया। जांच टीम ने कमरे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, निजी डायरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त कर अपने कब्जे में लिया है। डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर और मजिस्ट्रेट ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अब डिजिटल डिवाइस, कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के जरिए मौत के कारणों की पड़ताल कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमार्टम से पहले ही शरीर पर मिले कुछ निशानों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। डॉक्टरों ने शुरुआती तौर पर पॉइजनिंग की आशंका से भी इनकार नहीं किया है। बताया जा रहा है कि प्रतीक यादव के हाथ और सीने पर नीले निशान पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच को बेहद गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। हालांकि परिवार से जुड़े कुछ लोगों का कहना है कि यह निशान पहले हुए मेडिकल ट्रीटमेंट और फैट रिमूवल सर्जरी के कारण भी हो सकते हैं।

समाजवादी पार्टी के कई नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। पार्टी विधायक Ravidas Mehrotra ने कहा कि मौत की परिस्थितियां सवाल खड़े कर रही हैं और न्यायिक निगरानी में जांच होनी चाहिए। वहीं, प्रतीक यादव के करीबी दोस्तों ने दावा किया कि उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं थी और वे नियमित रूप से जिम जाते थे। दोस्तों ने कहा कि वह फिटनेस को लेकर काफी सजग थे और किसी गंभीर स्वास्थ्य संकट की जानकारी उन्हें कभी नहीं मिली।

बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते प्रतीक यादव अस्पताल में भर्ती भी हुए थे। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार उनका मोटापा कम करने के लिए सर्जिकल ट्रीटमेंट कराया गया था, जिसके बाद शरीर पर कुछ जगहों पर रक्त जमाव के निशान बने थे। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और मेडिकल इतिहास के आधार पर हर एंगल से जांच कर रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले पर अब पूरे प्रदेश की नजर टिकी हुई है।