रायपुर। छत्तीसगढ़ में बस परमिट व्यवस्था में कथित अनियमितताओं पर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) ने 120 बस संचालकों को नोटिस जारी कर परमिट का नवीनीकरण कराने और अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने या परमिट का नवीनीकरण नहीं कराने पर संबंधित परमिट निरस्त कर दिए जाएंगे।

विभागीय सूत्रों के अनुसार सामने आया 'टाइमिंग गेम'
परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार मामला केवल परमिट नवीनीकरण तक सीमित नहीं है। विभागीय सूत्रों का दावा है कि कुछ बस संचालक कथित तौर पर अपनी नियमित बस के आगे के समय के दो या तीन अतिरिक्त परमिट हासिल कर लेते हैं, लेकिन उन परमिटों पर बसों का संचालन नहीं करते। आरोप है कि इससे उनकी संचालित बस को अधिक समय तक सवारी भरने का अवसर मिलता है, जिससे प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती है।

नए संचालकों के लिए खुल सकते हैं रास्ते
आरटीए ने स्पष्ट किया है कि जिन रूटों के परमिट रद्द होंगे, उन पर सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित नहीं होने दी जाएंगी। ऐसे मार्गों के लिए नए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे और पात्र बस संचालकों को नियमानुसार परमिट जारी किए जाएंगे।

जीपीएस से होगी हर बस की निगरानी
परिवहन विभाग अब तकनीक के माध्यम से इस तरह की कथित अनियमितताओं पर रोक लगाने की तैयारी में है। अधिकारियों के अनुसार 2019 के बाद निर्मित अधिकांश बसों में जीपीएस सिस्टम इनबिल्ट है, लेकिन कई मामलों में इसे सक्रिय नहीं रखा जाता। अब विभाग ने जीपीएस सिस्टम को हर समय चालू रखना अनिवार्य कर दिया है। इसके माध्यम से यह निगरानी की जाएगी कि संबंधित बस अपने स्वीकृत परमिट और निर्धारित समय के अनुसार संचालित हो रही है या नहीं।

नियम तोड़े तो परमिट होगा निरस्त
विभाग ने साफ किया है कि यदि जांच में यह पाया जाता है कि किसी बस संचालक ने परमिट लेकर भी निर्धारित समय पर बस का संचालन नहीं किया या नियमों का उल्लंघन किया है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए परमिट निरस्त किया जाएगा। परिवहन विभाग का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता लाना, नियमों का पालन सुनिश्चित करना और यात्रियों को बेहतर एवं समयबद्ध बस सेवा उपलब्ध कराना है।