रायपुर। करीब दो साल से अनसुलझी पड़ी महिला हत्या की एक गुत्थी आखिरकार वैज्ञानिक जांच के सहारे सुलझ गई। खमतराई थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर में अगस्त 2024 में हुई लता साहू हत्याकांड में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस केस की जांच में सबसे अहम कड़ी महिला के नाखूनों से मिले जैविक नमूने बने, जिन्हें पुलिस ने घटना के बाद सुरक्षित रख लिया था। करीब दो साल बाद संदिग्धों के DNA सैंपल लिए गए। पुलिस के मुताबिक पुराने नमूनों से मिलान कराने पर तीनों आरोपियों के DNA मैच हुए। इसके बाद पूछताछ में पुलिस को घटना से जुड़ी अहम जानकारियां मिलीं और कथित हत्या की पूरी कड़ी सामने आई है।

शराब की महफिल से शुरू हुआ विवाद, फिर बिगड़ गई बात
पुलिस के अनुसार घटना 21 अगस्त 2024 की है। लता साहू अपने दूसरे पति के साथ ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में रहती थी। उसका पति फेरी लगाकर परिवार का खर्च चलाता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी मनहरण सारंग, राजेश पाल उर्फ चोटी उर्फ राजू और राजू मंडल उर्फ बंगाली महिला और उसके पति के परिचित थे। घटना वाली रात तीनों लता के घर पहुंचे। वहां सभी ने साथ बैठकर शराब पी। शराब खत्म होने के बाद दोबारा शराब लाने को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने झगड़े का रूप ले लिया और हाथापाई शुरू हो गई।

पुलिस का दावा- एक ने दबाया गला, दो ने हाथ-पैर पकड़े
पुलिस के मुताबिक विवाद के दौरान राजू मंडल उर्फ बंगाली ने लता का गला दबाया, जबकि मनहरण सारंग ने उसके दोनों हाथ और राजेश पाल ने पैर पकड़ रखे थे। इस दौरान लता ने खुद को बचाने के लिए संघर्ष किया और आरोपियों को नाखूनों से खरोंचने की कोशिश की। पुलिस की जांच में यही संघर्ष बाद में बेहद अहम सबूत बन गया। महिला के नाखूनों में मौजूद जैविक सामग्री को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया था।शराब मांगने को लेकर हुए विवाद के दौरान तीनों ने महिला की हत्या की थी।

दो साल तक सुरक्षित रहा सबूत, फिर DNA ने जोड़ी कड़ी
हत्या के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों की पहचान थी। घटना के समय संदिग्धों का पता नहीं चल पाया था, लेकिन जांच टीम ने मौके से मिले वैज्ञानिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखा। महिला के नाखूनों से मिले जैविक नमूनों का DNA प्रोफाइल तैयार किया गया। मामला लंबे समय तक जांच में रहा। बाद में 2026 में पुलिस को कुछ संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली और उनके DNA सैंपल लिए गए। पुलिस के अनुसार पुराने प्रोफाइल और नए सैंपल की जांच में तीनों संदिग्धों का DNA मैच हुआ। इसके बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ शुरू की।

पूछताछ में सामने आई कथित वारदात की कड़ी
DNA मिलान के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने घटना को लेकर अलग-अलग जानकारी दी, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ आगे बढ़ने पर घटना से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए। पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आरोपी घर में रखे कैश, साड़ी और पायल लेकर वहां से निकल गए। बताया गया है कि कैश आपस में बांट लिया गया, जबकि साड़ी और पायल मनहरण के पास रखी गई थी। आरोपी कथित तौर पर घर की पिछली दीवार की ओर से निकलकर फरार हुए थे।महिला की हत्या का खुलासा करती हुई रायपुर पुलिस।

तीनों आरोपी अलग-अलग इलाकों के रहने वाले
पुलिस ने मामले में मनहरण सारंग (33), राजेश पाल उर्फ चोटी उर्फ राजू (31) और राजू मंडल उर्फ बंगाली (35) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मनहरण सारंग रायपुर के रावांभाठा क्षेत्र का रहने वाला है। राजेश पाल मूल रूप से मुंगेली जिले के नवागांव का निवासी बताया गया है। वहीं राजू मंडल उर्फ बंगाली रावांभाठा, खमतराई में रहता है और मूल रूप से दुर्ग का रहने वाला बताया गया है।

एक आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार राजू मंडल उर्फ बंगाली के खिलाफ पहले से चोरी के दो और हत्या का एक मामला दर्ज है। लता साहू हत्याकांड को मिलाकर उसके खिलाफ अब चार मामले होने की जानकारी पुलिस ने दी है। इसी तरह मनहरण सारंग के खिलाफ भी पहले से मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने और अवैध वसूली से जुड़ा मामला दर्ज होने की बात पुलिस ने बताई है।dbgifmagic-611790957411_1790961825.gif

वैज्ञानिक सबूत ने बदल दी केस की दिशा
करीब दो साल पुराने इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि घटना के वक्त जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों को जांच टीम ने सुरक्षित रखा। बाद में जब संदिग्ध सामने आए तो उन्हीं नमूनों ने जांच को निर्णायक दिशा देने में मदद की। फिलहाल, पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस पूरे घटनाक्रम में DNA जांच को हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने वाली अहम कड़ी माना जा रहा है।