प्रयागराज। प्रयागराज में जमीन से जुड़े विवाद को लेकर शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक महिला करीब 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर जा चढ़ी। सुबह करीब 6 बजे टंकी पर पहुंची महिला कई घंटों तक नीचे आने को तैयार नहीं हुई। उसके गले में कुछ दस्तावेज लटके हुए थे और वह ऊपर से लिखे हुए पत्र भी नीचे फेंक रही थी। महिला की मांग भगवतपुर में फोरलेन निर्माण के लिए जमीन लिए जाने का विरोध और वहां स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर को बचाने से जुड़ी थी। करीब 17 घंटे तक चले समझाइश के दौर के बाद देर रात पुलिस और प्रशासन की टीम उसे सुरक्षित नीचे उतारने में सफल रही।

सुबह टंकी पर चढ़ी महिला, घंटों चला समझाने का दौर
एयरपोर्ट क्षेत्र के भगवतपुर की रहने वाली पूनम दुबे (45) पत्नी ननकू ने फोरलेन परियोजना के लिए जमीन लिए जाने का विरोध जताया था। बताया गया कि वह इस मुद्दे को लेकर पहले भी अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दे चुकी थीं। पूनम का कहना था कि सड़क निर्माण के नाम पर उनकी जमीन और प्राचीन हनुमान मंदिर प्रभावित नहीं होना चाहिए। उनका आरोप था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी बात पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद शुक्रवार सुबह उन्होंने विरोध जताने के लिए पानी की टंकी पर चढ़ने का फैसला कियाये तस्वीर रात 8:30 बजे की है। महिला इस समय भी पानी की टंकी पर डटी हुई है।

गले में दस्तावेज, नीचे गिराती रहीं पत्र
महिला के टंकी पर पहुंचने की खबर फैलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। टीम ने लगातार बातचीत कर उन्हें नीचे आने के लिए मनाने की कोशिश की। इस दौरान महिला के गले में दस्तावेज लटके दिखाई दिए। वह समय-समय पर ऊपर से लिखे हुए पत्र नीचे फेंक रही थीं। इन पत्रों में जमीन अधिग्रहण और मंदिर को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई। महिला का कहना था कि जब तक उनकी शिकायत और मांगों पर सुनवाई नहीं होती, वह टंकी से नीचे नहीं उतरेंगी।

17 घंटे बाद मानी महिला, सुरक्षित नीचे लाई गई
महिला को समझाने के लिए प्रशासन और पुलिस की टीम ने कई घंटे तक प्रयास किया। मौके पर लोगों की भीड़ भी जुटती गई। लंबे समय तक चले बातचीत के बाद देर रात अधिकारियों ने महिला को भरोसा दिलाते हुए नीचे उतरने के लिए राजी किया। करीब 17 घंटे बाद महिला को सुरक्षित टंकी से नीचे उतार लिया गया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।यह तस्वीर सुबह की है। इसमें महिला करीब 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ी नजर आ रही है। यह टंकी हाईकोर्ट के पास स्थित है।

पत्रों में क्या था? मंदिर और जमीन बचाने की मांग
महिला द्वारा नीचे फेंके गए पत्रों में भगवतपुर में प्रस्तावित सड़क/फोरलेन निर्माण का मुद्दा उठाया गया था। पत्रों में दावा किया गया कि निर्माण कार्य की वजह से आसपास की जमीन और प्राचीन हनुमान मंदिर प्रभावित हो सकते हैं। महिला ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और जमीन के साथ मंदिर को भी सुरक्षित रखने की मांग की थी। उनका कहना था कि परियोजना को लेकर प्रभावित लोगों की आपत्तियों पर सुनवाई होनी चाहिए।रात करीब 11 बजे महिला को समझा-बुझाकर नीचे उतारा गया। वह करीब 17 घंटे तक पानी की टंकी पर रही।

बेटे ने लगाए भू-माफिया पर गंभीर आरोप
घटना के दौरान महिला के बेटे ने भी मीडिया से बातचीत में जमीन विवाद को लेकर कई आरोप लगाए। उसका कहना था कि फोरलेन के लिए जमीन लिए जाने को लेकर परिवार अपनी आपत्ति पहले ही दर्ज करा चुका था। बेटे ने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनकी जमीन पर कब्जे की कोशिश कर रहे हैं। उसने शहर पश्चिमी विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह को लेकर भी आरोप लगाए और दावा किया कि भू-माफिया को उनका संरक्षण प्राप्त है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।रात में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को वहां से हटा दिया।

परिजनों और ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
महिला के कई घंटे तक टंकी पर रहने के दौरान उसके परिजन और ग्रामीण भी मौके पर जुट गए। काफी देर तक अधिकारी के नहीं पहुंचने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने नाराजगी जताई। इसके बाद महिलाओं समेत कई लोग सड़क पर बैठ गए और हाईकोर्ट से फ्लाईओवर की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। फिलहाल, महिला को सुरक्षित नीचे उतारे जाने के बाद प्रशासन के सामने जमीन, फोरलेन परियोजना और मंदिर से जुड़ी उसकी शिकायतों पर आगे की कार्रवाई का सवाल है।