रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के छर्रा टांगर गांव में हाथियों के एक दल के पहुंचने के दौरान कुछ ग्रामीणों की कथित लापरवाही ने बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। हाथियों को भगाने के प्रयास में फटाखे फोड़े गए और पत्थरबाजी की गई। इस दौरान दल के साथ मौजूद दो हाथी शावक कुछ समय के लिए अपने झुंड से भटकते नजर आए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग भी सतर्क हो गया है।

हाथियों को खदेड़ने के दौरान बढ़ा तनाव
जानकारी के अनुसार, आज चार से पांच हाथियों का दल गांव के समीप पानी वाले क्षेत्र में पहुंचा था। हाथियों की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। आरोप है कि कुछ लोगों ने हाथियों को भगाने के लिए फटाखे छोड़े और पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शोर-शराबे और पत्थरबाजी के कारण हाथियों के साथ मौजूद दो शावक कुछ समय के लिए रास्ता भटक गए, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई।WhatsApp-Image-2026-06-27-at-1.39.35-PM-768x1340

शावकों के साथ मौजूद हाथी हो सकते थे आक्रामक
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, यदि हाथियों के झुंड में छोटे शावक मौजूद हों, तो वयस्क हाथी अधिक सुरक्षात्मक और आक्रामक हो सकते हैं। ऐसे समय उन्हें उकसाना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा हो सकता है। घटना के दौरान सैकड़ों ग्रामीण हाथियों के बेहद करीब पहुंच गए और उन्हें दौड़ाने का प्रयास करते दिखाई दिए, जिससे मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी।

वन विभाग ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाइश देकर भीड़ को पीछे हटाया। इसके बाद हाथियों के दल को सुरक्षित तरीके से गांव से निकालकर जंगल की ओर रवाना किया गया है।

वन विभाग की चेतावनी
घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के एसडीओ डी. के. मांडवा ने बताया कि हाथी अपने पारंपरिक मार्ग से गुजर रहे थे। यदि ग्रामीणों की हरकतों के कारण शावक अपने झुंड से बिछड़ जाते, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। उन्होंने लोगों से अपील की कि हाथियों के दिखने पर भीड़ न लगाएं, उन्हें उकसाने का प्रयास न करें और तुरंत वन विभाग को सूचना दें। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी व्यक्ति या हाथी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, वन विभाग ने लोगों से भविष्य में ऐसी हरकतों से बचने की अपील की है।