
रायगढ़। सरकारी राशन व्यवस्था में कथित गड़बड़ी के दो मामलों ने रायगढ़ के धरमजयगढ़ क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। खाद्य विभाग की जांच में दो शासकीय उचित मूल्य दुकानों से बड़ी मात्रा में चावल, शक्कर और नमक कम पाए जाने के बाद दर्ज मामलों में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में लंबे समय से फरार चल रहे शहनवाज उर्फ मौसम खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, गनपतपुर और ससकोबा की राशन दुकानों में कुल 31.75 लाख रुपये से अधिक मूल्य के खाद्यान्न की कमी सामने आई थी। दोनों मामलों में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
जांच में सामने आया राशन का बड़ा अंतर
मामले की शुरुआत खाद्य विभाग की जांच से हुई। अधिकारियों ने धरमजयगढ़ तहसील की शासकीय उचित मूल्य दुकानों का भौतिक सत्यापन किया। रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध खाद्यान्न का मिलान करने पर दोनों दुकानों में भारी अंतर सामने आया। गनपतपुर की दुकान में 704.93 क्विंटल चावल, 15.34 क्विंटल शक्कर और 31.98 क्विंटल नमक कम मिला। विभाग ने इसकी कीमत करीब 18 लाख 86 हजार 345 रुपये आंकी। वहीं ससकोबा की दुकान की जांच में 499.65 क्विंटल चावल, 5.37 क्विंटल शक्कर और 8.03 क्विंटल नमक की कमी दर्ज की गई। इसकी अनुमानित कीमत करीब 12 लाख 89 हजार 375 रुपये बताई गई है। इस तरह दोनों दुकानों को मिलाकर खाद्यान्न की कुल कमी की कीमत करीब 31.75 लाख रुपये बैठती है।
हितग्राहियों से अंगूठा लगवाया, राशन नहीं देने का आरोप
ससकोबा की शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 412009078 में 3 सितंबर 2026 को हुई जांच के दौरान एक और गंभीर तथ्य सामने आने की बात कही गई। पुलिस के अनुसार, अगस्त महीने में कुछ हितग्राहियों से ई-पॉस मशीन पर फिंगरप्रिंट लगवाए गए, लेकिन आरोप है कि इसके बाद उन्हें निर्धारित राशन नहीं दिया गया। जांच के आधार पर सरोज स्व सहायता समूह की अध्यक्ष उमाबाई राठिया, सचिव माधुरी बाई राठिया और दुकान विक्रेता बिहारी राठिया के खिलाफ रैरूमाखुर्द चौकी में अपराध क्रमांक 288/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने 12 सितंबर को उमाबाई राठिया और माधुरी बाई राठिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। वहीं दुकान का विक्रेता बिहारी राठिया फरार बताया जा रहा है।
गनपतपुर में भी स्टॉक का हिसाब नहीं मिला
दूसरा मामला ग्राम गनपतपुर की शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 412009080 से जुड़ा है। खाद्य विभाग की जांच में यहां भी रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच बड़ा अंतर पाया गया। जांच में 704.93 क्विंटल चावल, 15.34 क्विंटल शक्कर और 31.98 क्विंटल नमक कम मिला। विभाग ने इन खाद्य सामग्रियों की कुल कीमत करीब 18.86 लाख रुपये निर्धारित की। दुकान के संचालन की जिम्मेदारी जननी महिला स्व सहायता समूह से जुड़ी थी। पुलिस के अनुसार, अध्यक्ष रूबीना खान, सचिव शाहिन खान और विक्रेता शहनवाज उर्फ मौसम खान के खिलाफ कार्रवाई की गई।
Essential Commodities Act के तहत केस
खाद्य विभाग के जांच प्रतिवेदन और पंचनामा के आधार पर तीनों के खिलाफ रैरूमाखुर्द चौकी में अपराध क्रमांक 289/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 और 7 के तहत मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान पुलिस खाद्यान्न की कमी, वितरण रिकॉर्ड और दुकान संचालन से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है।
अस्पताल में भर्ती होने की सूचना, फिर गांव से गिरफ्तारी
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि गनपतपुर प्रकरण में आरोपी शहनवाज उर्फ मौसम खान धरमजयगढ़ के सिविल अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करा रहा है। रैरूमाखुर्द चौकी प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम उसकी तलाश में लगातार जुटी रही। इसी बीच पुलिस को आरोपी के अपने गांव में दिखाई देने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही टीम ने दबिश दी और शहनवाज उर्फ मौसम खान को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया।
अब भी तीन आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर
पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में अब तक उमाबाई राठिया, माधुरी बाई राठिया और शहनवाज उर्फ मौसम खान की गिरफ्तारी हुई है। वहीं बिहारी राठिया, रूबीना खान और शाहिन खान अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस इन तीनों की तलाश कर रही है। अब जांच का फोकस यह पता लगाने पर भी है कि दुकानों में दर्ज स्टॉक और वास्तविक उपलब्धता के बीच इतना बड़ा अंतर कैसे पैदा हुआ और कथित तौर पर कम हुए खाद्यान्न का क्या हुआ। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।