दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ऑनलाइन सट्टा गिरोह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। जामुल थाना क्षेत्र में संचालित इस संगठित नेटवर्क पर एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार नए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले इसी मामले में सात लोगों को पकड़ा जा चुका था।

मोबाइल डेटा से खुला पूरा नेटवर्क
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा तब हुआ जब पहले गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन की डिजिटल जांच की गई। डेटा एनालिसिस से यह सामने आया कि यह सिर्फ स्थानीय गिरोह नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है, जिसमें कई लोग अलग-अलग भूमिकाओं में शामिल हैं। इसी आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई को तेज किया।

भिलाई और रायपुर में दबिश, 4 आरोपी धराए
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने भिलाई और रायपुर के कई इलाकों में एक साथ दबिश दी। इस ऑपरेशन में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो इस अवैध कारोबार को संचालित करने में अहम भूमिका निभा रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान परमेश गेडाम, शिवा वैष्णव उर्फ समीर, मोहम्मद असलम और सत्यपाल पासवान के रूप में हुई है।

सट्टा संचालन में अलग-अलग जिम्मेदारी
जांच में सामने आया कि ये आरोपी सट्टा नेटवर्क में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा रहे थे। कोई यूजर आईडी उपलब्ध कराता था, तो कोई पैसों के लेन-देन का रिकॉर्ड संभालता था। वहीं कुछ आरोपी तकनीकी सहायता देकर पूरे सिस्टम को चलाने में मदद कर रहे थे। इस तरह पूरा गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था।whatsapp-image-2026-04-01-at-63220-pm_1775072515

6 मोबाइल और 65 हजार कैश जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन और 65 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इन मोबाइल्स में सट्टा से जुड़े कई डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनकी जांच जारी है। इन सबूतों के जरिए पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

सोशल मीडिया के जरिए चलता था नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और नई तकनीकों का इस्तेमाल कर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। वे डिजिटल पेमेंट और वर्चुअल आईडी के जरिए लेन-देन करते थे, जिससे वे लंबे समय तक पुलिस की नजर से बचते रहे। हालांकि, तकनीकी जांच के जरिए आखिरकार उनका नेटवर्क उजागर हो गया।

जांच जारी, और गिरफ्तारी की संभावना
इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान और भी नाम सामने आ सकते हैं, जिसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। संभावना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।