
बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के एडवोकेट जनरल विवेक शर्मा को सीनियर एडवोकेट के रूप में नामित कर दिया है। हाईकोर्ट की फुल कोर्ट की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे अपनी तरफ से मंजूरी दे दी गई। कोर्ट से हरी झंडी मिलने के तुरंत बाद रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव ने अपने हस्ताक्षर से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी है। जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, विवेक शर्मा का सीनियर एडवोकेट के रूप में यह पदनाम तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।
हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा जारी इस आदेश के बाद विवेक शर्मा अब आधिकारिक रूप से सीनियर एडवोकेट की श्रेणी में आ गए हैं। रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव की तरफ से जारी किए गए पत्र में उन आदेशों का जिक्र है, जिनके आधार पर यह फैसला लिया गया है। फुल कोर्ट ने बिना किसी विलंब के इस विषय पर अपनी सहमति जताई, जिसके बाद यह अधिसूचना जारी कर दी गई है।
देखें आदेश
सुप्रीम कोर्ट के 13 मई 2025 के फैसले का हवाला
इस पूरी प्रक्रिया और अधिसूचना में सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का प्रमुखता से उल्लेख किया गया है, जिसके आधार पर यह नामकरण हुआ। अधिसूचना में विस्तार से बताया गया है कि सर्वोच्च न्यायालय ने 13 मई 2025 को अपना आदेश सुनाया था। यह आदेश आपराधिक अपील संख्या 865 of 2025, जितेंदर कल्ला बनाम राज्य (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार) के मामले में पारित किया गया था।
इसी आपराधिक अपील में दिए गए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की फुल कोर्ट ने एडवोकेट जनरल विवेक शर्मा को सीनियर एडवोकेट नामित करने का अंतिम निर्णय लिया।
तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश
जितेंदर कल्ला बनाम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार मामले के आदेश को ही इस मनोनयन का आधार बनाया गया है। आदेश का परिपालन करते हुए हाईकोर्ट ने तत्काल प्रभाव से यह अधिसूचना लागू कर दी है। रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा जारी की गई यह अधिसूचना जारी होने की तिथि से ही प्रभावशील हो गई है। फुल कोर्ट के निर्णय के बाद प्रशासनिक स्तर पर कागजी कार्यवाही पूरी की गई और सर्वोच्च न्यायालय की क्रिमिनल अपील 865 of 2025 के फैसले को आधार मानकर इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने यह फैसला लिया।