
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक कामकाज का तरीका अब पूरी तरह बदल रहा है। अब सरकारी विभागों के सचिव और कलेक्टर केवल बंद कमरों और फाइलों तक सीमित नहीं रहेंगे। जेन जी आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने अफसरों के लिए नया और सख्त फरमान जारी किया है। अब अधिकारियों को इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी सक्रिय रहकर मोर्चा संभालना होगा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सिर्फ काम करना काफी नहीं है बल्कि जनता के बीच उसकी सही जानकारी पहुंचना भी जरूरी है। अब अफसरों का ट्रांसफर और प्रमोशन उनके सोशल मीडिया स्कोर और जवाबदेही से तय होगा।
डेल्टा मार्किंग प्रणाली लागू
प्रशासनिक कसावट और जवाबदेही तय करने के लिए सरकार ने डेल्टा मार्किंग प्रणाली शुरू की है। इसके तहत अफसरों के कामकाज का मूल्यांकन 100 अंकों के आधार पर किया जाएगा। जिलों में अब तक केवल अखबारों में छपने वाली खबरों की निगरानी होती थी। अब सोशल मीडिया की भी चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी।
मार्किंग का गणित इस तरह काम करेगा
काम का प्रकार सह निर्धारित अंक
एक्शन टेकन रिपोर्ट एटीआर -40
सोशल मीडिया सक्रियता -30 |
प्रेस रिलीज - 15
सक्सेस स्टोरी - 15
एटीआर को सबसे ज्यादा 40 अंक दिए गए हैं। इसका सीधा मतलब है कि अगर किसी विभाग के खिलाफ कोई खबर चल रही है तो अफसर को तत्काल उसका संज्ञान लेना है। अगर खबर में बताई गई समस्या सही है तो अधिकारी को स्पष्ट प्लान देना होगा कि वह सुधार के लिए क्या कदम उठाने वाले हैं।
6 घंटे का अल्टीमेटम
सरकार ने नकारात्मक और भ्रामक खबरों से निपटने के लिए सख्त समय सीमा तय कर दी है। इसके नियम बिल्कुल कठोर हैं।
- जनसंपर्क निगरानी प्रकोष्ठ भ्रामक खबरों की सूचना सीधे कलेक्टर या सचिव को व्हाट्सएप पर देगा।
- अखबारों में छपी नकारात्मक खबर का जवाब अफसरों को उसी दिन देना अनिवार्य है।
- सोशल मीडिया पर चल रही गलत खबर का खंडन 6 घंटे के भीतर करना होगा।
- अफसरों को अपनी प्रतिक्रिया डीपीआर ई क्लिपिंग पोर्टल पर दर्ज करानी होगी।
- समय सीमा बीतने के बाद दिए गए जवाब को स्कोरिंग में बिल्कुल शामिल नहीं किया जाएगा।
उदाहरण के लिए अगर 10 खबरों पर अफसर ने 7 का जवाब उसी दिन दिया है तो उसे 28 नंबर ही मिलेंगे।
गूगल फार्म से होगी रोज की निगरानी
इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए एक विशेष गूगल फार्म तैयार किया गया है।
- जनसंपर्क अधिकारी हर दिन इस फार्म में विभागीय डेटा भरेंगे।
- रोज का डेटा भरते ही सिस्टम अपने आप अपडेट हो जाएगा।
- सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म की संयुक्त पोस्ट संख्या गिनी जाएगी।
- शेयर या री पोस्ट की गिनती इस डेल्टा मार्किंग में नहीं की जाएगी।
- दोहरी एंट्री होने पर सिस्टम एक एंट्री को खुद निरस्त कर देगा।
- किसी भी तरह की गड़बड़ी पकड़े जाने पर संबंधित जनसंपर्क अफसर पर सीधी कार्रवाई होगी।
कुल समाचार समय सीमा में जवाब देरी से जवाब और कोई जवाब नहीं देने का पूरा स्कोर कार्ड हर महीने बनेगा। इसी रिपोर्ट कार्ड से अफसरों की कार्यक्षमता का आकलन होगा।