
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। महासमुंद और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों में उफनते नालों में फंसे दो लोगों का प्रशासन, गोताखोरों और ग्रामीणों की संयुक्त टीम ने समय रहते सफल रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दोनों घटनाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बारिश के मौसम में उफनते नदी-नालों को पार करना कितना खतरनाक हो सकता है।
महासमुंद: बाइक समेत नाले में फंसा युवक
सूत्रों के अनुसार, महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र के ग्राम तोरेसिंह में एक युवक बाइक से सुरंगी नाला पार करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान अचानक तेज बहाव में उसकी बाइक फंस गई और युवक नाले के बीच मदद का इंतजार करता रह गया। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार, पुलिस, रेस्क्यू टीम और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि उसकी बाइक भी तेज बहाव में फंस गई थी।
सारंगढ़: पूरी रात पेड़ के सहारे जिंदगी की जंग
दूसरी घटना सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लात नाला की है। लगातार बारिश के कारण अचानक आए तेज उफान में घटोरा गांव के रहने वाले 70 वर्षीय बालमुकुंद बरिहा नाले के बीच फंस गए। रात के अंधेरे और तेज बहाव के कारण उन्हें पूरी रात एक पेड़ का सहारा लेकर वहीं गुजारनी पड़ी। सुबह गोताखोरों और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर घंटों की मशक्कत के बाद बुजुर्ग का सुरक्षित रेस्क्यू किया है।
बारिश में लापरवाही पड़ सकती है भारी
दोनों घटनाओं के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले रास्तों को पार करने का जोखिम न उठाएं। मौसम खराब होने पर थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है।