रायपुर। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब का असर छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिनों से प्रदेश के मौसम में बदलाव बना हुआ है। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज की गई है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार अब चक्रवाती सिस्टम कमजोर पड़ने लगा है। इसके चलते आने वाले दिनों में प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात अर्नब का बचा हुआ हिस्सा अब दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण ओडिशा के ऊपर अवदाब के रूप में सक्रिय है। यह सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। इसके कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदलने का अनुमान है।

रायपुर समेत कई इलाकों में आज बारिश की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार 30 अक्टूबर को रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं, उत्तर छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

राजधानी रायपुर में आज आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा। शहर में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग ने रायपुर का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है।

इन जिलों और इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश

गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। वर्षा के आंकड़ों के अनुसार, सुकमा, कोंटा, नेरहरपुर और पिथौरा में सबसे अधिक 7 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

इसके अलावा तोकापाल, दोरनापाल, बड़ेराजपुर, केशकाल, छिंदगढ़, कांकेर, कुकरेल, बलरामपुर, नगरी, बसना, सरोना, कटेकल्याण, बेलरगांव, राजिम, कुसमी, धमतरी, अमलीपदर, प्रेमनगर, देवभोग, मैनपुर, फरसगांव, गादीरास और बागबाहरा में 5 से 6 सेंटीमीटर तक वर्षा हुई।

वहीं माकड़ी, चारामा, सरायपाली, राजनांदगांव, पलारी, पेंड्रा रोड, मुकडेगा, करपावंड, लोहांडीगुड़ा, गुरुर, नानगुर, पथरिया, रायपुर, धनोरा, बलौदा, अर्जुन्दा, हसौद, छुरा और गरियाबंद में 4 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के कुछ अन्य स्थानों पर भी हल्की से मध्यम बारिश हुई।

18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा अवदाब

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में अवदाब लगभग 18 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। गुरुवार सुबह 8:30 बजे इसका केंद्र जगदलपुर से करीब 40 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में स्थित था।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सिस्टम आगे भी उत्तर दिशा में बढ़ेगा। 30 अक्टूबर की सुबह तक इसके कमजोर होकर उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे लगे उत्तर-पश्चिम ओडिशा के ऊपर स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है।

दुर्ग रहा सबसे गर्म, पेंड्रा रोड में सबसे कम तापमान

गुरुवार को बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया।

फिलहाल मौसम विभाग ने कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आकाशीय बिजली से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।