दुर्ग: छत्तीसगढ़ के Bhilai में पुलिस ने नशे के एक नए और हाई-टेक रूप का खुलासा किया है। दुर्ग जिले में पहली बार हाइड्रोपोनिक तकनीक से तैयार गांजा पकड़ा गया है, जिसे आरोपी छोटे-छोटे पैकेट बनाकर बेच रहे थे। इस कार्रवाई में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से सामान्य गांजे के साथ महंगा और ज्यादा प्रभावी हाइड्रोपोनिक गांजा भी बरामद हुआ।

पुलिस को सूचना मिली थी कि रुआबांधा इलाके में कुछ युवक नशीले पदार्थों की बिक्री कर रहे हैं। छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से न केवल गांजा बल्कि उससे जुड़े उपकरण जैसे रोलिंग पेपर, चिलम और अन्य सामग्री भी मिली। तलाशी में करीब 2 किलो सामान्य गांजा और थोड़ी मात्रा में हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया गया, जिसकी बाजार कीमत काफी अधिक बताई जा रही है।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अधिक मुनाफा कमाने के लिए इस नए तरह के नशे के कारोबार से जुड़े थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह हाई-टेक गांजा प्रदेश तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा है। मामले में NDPS Act के तहत कार्रवाई कर आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, हाइड्रोपोनिक गांजा मिट्टी के बिना पानी और पोषक तत्वों की मदद से नियंत्रित वातावरण में उगाया जाता है, जिससे इसकी गुणवत्ता और नशे की तीव्रता कई गुना बढ़ जाती है। आमतौर पर यह बड़े शहरों और हाई-प्रोफाइल सर्कल तक सीमित रहता है, लेकिन अब छोटे शहरों तक इसकी पहुंच चिंता का विषय बन गई है। यह मामला राज्य में बदलते ड्रग ट्रेंड और पुलिस के लिए नई चुनौती की ओर इशारा करता है।