रायपुर। छत्तीसगढ़ में मनरेगा कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान कर दिया है। ग्रेड पे, एचआर पॉलिसी, सामाजिक सुरक्षा और सेवा संबंधी अन्य मांगों को लेकर प्रदेशभर के 12 हजार से अधिक कर्मचारी 2 जुलाई से चरणबद्ध हड़ताल पर जाएंगे। आंदोलन जनपद पंचायत स्तर से शुरू होकर जिला और राज्य स्तर तक आयोजित किया जाएगा।

2 जुलाई से शुरू होगा तीन चरणों का आंदोलन
मनरेगा कर्मचारी संघ के अनुसार आंदोलन तीन चरणों में संचालित होगा। पहले चरण में 2 जुलाई को प्रदेश के सभी जनपद पंचायत मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। दूसरे चरण में 3 जुलाई को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन होगा, जबकि 4 जुलाई को राज्य स्तर पर व्यापक आंदोलन आयोजित किया जाएगा। संघ का दावा है कि इस आंदोलन में प्रदेशभर के 12 हजार से अधिक मनरेगा कर्मचारी भाग लेंगे।

इन मांगों को लेकर करेंगे प्रदर्शन
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ग्रेड पे लागू करना, एचआर पॉलिसी बनाना, सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना तथा सेवा संबंधी लंबित समस्याओं का समाधान शामिल है। संघ का कहना है कि इन मांगों को लेकर कई बार शासन के समक्ष ज्ञापन और प्रस्ताव प्रस्तुत किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता चुना है।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा तेज
मनरेगा कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र किया जाएगा। कर्मचारियों ने राज्य सरकार से शीघ्र वार्ता कर समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की है।

कैबिनेट ने हाल ही में दी नई ग्रामीण रोजगार योजना को मंजूरी
इसी बीच, छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल ने हाल ही में 'विकसित भारत - रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी-जी राम जी योजना, छत्तीसगढ़' को मंजूरी दी है। यह योजना भारत सरकार के अधिनियम, 2025 के अनुरूप लागू की जा रही है। योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी।

जल संरक्षण से डिजिटल मॉनिटरिंग तक रहेगा फोकस
नई योजना के तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण, आजीविका परिसंपत्तियों का विकास और टिकाऊ रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही ग्राम पंचायत आधारित समेकित विकास, विभिन्न विभागीय योजनाओं के अभिसरण तथा पीएम गति शक्ति के साथ समन्वय को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि विकास कार्यों की योजना, क्रियान्वयन और निगरानी में डिजिटल तकनीक का उपयोग कर पारदर्शिता, सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।