छत्तीसगढ़ में इन दिनों लोगों को ऐसा महसूस हो रहा है कि गर्मी अचानक बेहद तेज हो गई है। दिलचस्प बात यह है कि तापमान में बहुत बड़ा उछाल नहीं आया, फिर भी गर्मी शरीर के लिए असहनीय महसूस हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे केवल तापमान नहीं, बल्कि कई मौसमीय और पर्यावरणीय कारण जिम्मेदार हैं।


हीट इंडेक्स बढ़ने से बढ़ी परेशानी

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार केवल तापमान ही गर्मी की तीव्रता तय नहीं करता। जब हवा में नमी (Humidity) बढ़ जाती है, तो शरीर का पसीना सही तरीके से सूख नहीं पाता। इससे शरीर का प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम कमजोर हो जाता है और गर्मी ज्यादा महसूस होती है।

India Meteorological Department के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में प्रदेश में आर्द्रता का स्तर बढ़ा है, जिससे हीट इंडेक्स खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। इसी कारण 40–43°C तापमान भी 46–48°C जैसा महसूस हो रहा है।


हवा की रफ्तार कम होने से बढ़ा असर

इस समय प्रदेश में हवा की गति सामान्य से कम है। जब हवा चलती है तो शरीर को ठंडक मिलती है, लेकिन हवा बंद होने पर गर्मी त्वचा पर जम जाती है। यही कारण है कि दोपहर के समय घर के अंदर भी उमस महसूस हो रही है।


शहरीकरण और कंक्रीट का असर

विशेषज्ञ बताते हैं कि शहरों में कंक्रीट और डामर की सड़कें दिनभर गर्मी सोखती हैं और रात तक छोड़ती रहती हैं। इसे अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट कहा जाता है।

Chhattisgarh के प्रमुख शहरों, खासकर Raipur और बिलासपुर में यही वजह रात में भी गर्मी कम न होने का बड़ा कारण बन रही है।


शरीर पर बढ़ रहा हीट स्ट्रेस

डॉक्टरों का कहना है कि लगातार गर्मी और उमस से शरीर पर हीट स्ट्रेस बढ़ रहा है। इसके कारण:

  • थकान जल्दी होना
  • सिर दर्द और चक्कर
  • डिहाइड्रेशन
  • हीट स्ट्रोक का खतरा

बुजुर्ग, बच्चे और बाहर काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा जोखिम में हैं।


आने वाले दिनों का अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार:

  • अगले कुछ दिनों में तापमान 2–3°C तक और बढ़ सकता है
  • कई जिलों में लू चलने की संभावना
  • शाम तक उमस बनी रह सकती है


क्या करें बचाव के लिए

विशेषज्ञों की सलाह:

  • ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
  • दोपहर 12 से 4 बजे तक धूप से बचें
  • हल्के और ढीले कपड़े पहनें
  • ओआरएस और फलों का सेवन बढ़ाएं