
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन्यजीव तस्करी के एक सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त टीम ने ऑपरेशन चलाकर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से तेंदुए की दो खाल बरामद की है, जिससे अवैध वन्यजीव कारोबार के नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
संयुक्त टीम का ऑपरेशन, मुखबिर सूचना पर कार्रवाई
Balrampur में यह कार्रवाई वन विभाग, Wildlife Crime Control Bureau और राज्य उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने अंजाम दी। मुखबिर से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर टीम ने बसंतपुर थाना क्षेत्र में जाल बिछाया और संदिग्धों को दबोच लिया।
मोटरसाइकिल से मिली पहली खाल, खुला बड़ा नेटवर्क
ग्राम जमई मोड़ के पास रोके गए दो संदिग्धों की तलाशी में तेंदुए की एक खाल बरामद हुई। इसके बाद पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंच बनाई गई, जहां से एक और खाल जब्त की गई।
तीन राज्यों में फैला था तस्करी नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी Jharkhand, Uttar Pradesh और Chhattisgarh के अलग-अलग जिलों से जुड़े हैं। यह गिरोह लंबे समय से अंतरराज्यीय स्तर पर वन्यजीव तस्करी में सक्रिय था और विभिन्न चैनलों के जरिए अवैध व्यापार संचालित कर रहा था।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
वन विभाग अब इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों और इसके पीछे के बड़े सरगनाओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह गिरोह कई राज्यों में फैला हो सकता है और इसके तार बड़े अवैध बाजार से जुड़े हो सकते हैं।
वन्यजीव संरक्षण के लिए सख्त संदेश
इस कार्रवाई को वन्यजीव अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।




