
बसना: छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। संयुक्त टीम ने एक इंटरस्टेट ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए भारी मात्रा में अफीम पोस्त बरामद किया है। इस कार्रवाई ने न केवल तस्करों की चालाकी को उजागर किया, बल्कि राज्य में फैल रहे नशे के नेटवर्क पर भी बड़ा झटका दिया है।
रेहटीखोल चेकपोस्ट पर पकड़ा गया संदिग्ध वाहन
Rehtikhol Checkpost पर नियमित जांच के दौरान पुलिस की नजर एक संदिग्ध पिकअप वाहन पर पड़ी। वाहन की बनावट और अतिरिक्त सुरक्षा ढांचे ने तुरंत शक पैदा किया। जैसे ही टीम ने गहन तलाशी ली, अंदर छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में नशीली सामग्री सामने आ गई।
2 करोड़ से ज्यादा की अफीम पोस्त बरामद
तलाशी के दौरान करीब 1432 किलो अफीम पोस्त डोडा बरामद किया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 2.14 करोड़ रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में नशे की खेप यह संकेत देती है कि यह कोई छोटा ऑपरेशन नहीं, बल्कि एक संगठित और बड़े स्तर का नेटवर्क है।
ट्रक जैसा सुरक्षा सिस्टम बनाकर की जा रही थी तस्करी
तस्करों ने पिकअप वाहन को इस तरह मॉडिफाई किया था कि वह बाहर से सामान्य मालवाहक लगे, लेकिन अंदर खास तौर पर नशा छिपाने के लिए मजबूत संरचना बनाई गई थी। यह तरीका दिखाता है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय हो सकते हैं।
हरियाणा के दो आरोपी गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने हरियाणा के करनाल जिले के दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि यह खेप झारखंड के गुमला से लाई जा रही थी और इसे रायपुर में खपाने की तैयारी थी।
इंटरस्टेट नेटवर्क की आशंका
इस मामले ने एक बार फिर इंटरस्टेट ड्रग तस्करी के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया है। अलग-अलग राज्यों से होकर गुजरने वाली इस सप्लाई चेन को तोड़ना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई हैं।
NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 18(ख) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और अन्य तस्करों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।




