
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मंडल में ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। गुरुवार देर रात नरकटियागंज-बढ़नी पैसेंजर (55039) पर अज्ञात लोगों ने पथराव कर दिया। घटना नकहा जंगल और मानीराम स्टेशन के बीच हुई, जिसमें इंजन का साइड ग्लास क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ।
चलती ट्रेन पर हमला, लोको पायलट भी सहमे
जानकारी के अनुसार, रात करीब 12:30 बजे अचानक ट्रेन पर पत्थर फेंके गए। तेज आवाज के साथ इंजन का शीशा चटक गया, जिससे लोको पायलट भी कुछ देर के लिए दहशत में आ गए। ट्रेन के मानीराम स्टेशन पहुंचने पर लोको पायलट ने घटना की लिखित सूचना (मेमो) रेलवे अधिकारियों को दी। घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मामला दर्ज कर पथराव करने वालों की तलाश शुरू कर दी है।
लगातार हो रही घटनाओं से बढ़ी चिंता
गोरखपुर-गोंडा और गोरखपुर-बढ़नी रेलखंड पर हाल के महीनों में पथराव की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
- 7 जून को बहराइच-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन पर पथराव में एक महिला यात्री घायल हुई थी।
- इसी दिन नकहा-गोंडा पैसेंजर ट्रेन के इंजन का शीशा भी पथराव में टूट गया था।
- कुशीनगर एक्सप्रेस पर खलीलाबाद और मगहर के बीच पथराव से एसी कोच की खिड़की क्षतिग्रस्त हुई थी।
- 17 मई को हमसफर एक्सप्रेस पर हुए पथराव में एक महिला यात्री के सिर में चोट आई थी।
इसके अलावा अप्रैल महीने में भी इस रेलखंड पर कई ऐसी घटनाएं दर्ज की गई थीं।
रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रही पथराव की घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चलती ट्रेनों पर इस तरह के हमले न केवल यात्रियों की जान जोखिम में डालते हैं, बल्कि लोको पायलट और रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। फिलहाल आरपीएफ और संबंधित एजेंसियां आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।