-1777788991460_v.webp)
रांची/पलामू/कोडरमा/रामगढ़। झारखंड के डैम और जलाशयों में बोटिंग के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी एक बार फिर गंभीर चिंता का कारण बन गई है। जबलपुर के बरगी डैम हादसे के बाद भी पर्यटक लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं। प्रशासन द्वारा लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य किए जाने के बावजूद कई लोग बीच पानी में पहुंचकर सेल्फी लेने के लिए जैकेट उतार देते हैं, जिससे जानलेवा खतरा बढ़ जाता है।
रांची और आसपास के इलाकों में भी ऐसे हादसों का इतिहास रहा है, लेकिन इसके बावजूद जागरूकता की कमी साफ दिखाई देती है। साल 2022 में पंचखेरो डैम में नाव पलटने से एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई थी, जहां अधिकांश लोगों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। इसके बाद भी पर्यटक सुरक्षा नियमों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
डैमों पर उपलब्ध लाइफ जैकेट की गुणवत्ता और नियमित जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कई स्थानों पर खराब या अनुपयुक्त जैकेट पर्यटकों को दी जा रही हैं, वहीं लोगों को इसे सही तरीके से पहनने की जानकारी भी नहीं दी जाती। यह लापरवाही किसी भी समय बड़े हादसे में बदल सकती है।
हालांकि, पलामू और पतरातू डैम जैसे क्षेत्रों में प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। अब बिना लाइफ जैकेट किसी भी पर्यटक को बोटिंग की अनुमति नहीं दी जा रही है। बोट संचालकों को भी क्षमता से अधिक सवारी न बैठाने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका पालन और लोगों की जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है। जब तक पर्यटक खुद सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं होंगे, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे। डैम और जलाशयों में सुरक्षित पर्यटन के लिए प्रशासन और आम नागरिकों दोनों को मिलकर जागरूकता और अनुशासन बनाए रखना होगा।