काजू, बादाम, अखरोट, किशमिश और खजूर जैसे ड्राई फ्रूट्स पोषण से भरपूर माने जाते हैं। इनमें प्रोटीन, हेल्दी फैट, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यही वजह है कि इन्हें सुपरफूड की श्रेणी में रखा जाता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ड्राई फ्रूट्स का गलत तरीके से या जरूरत से ज्यादा सेवन फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है, खासकर गर्मियों के मौसम में। आयुर्वेद के अनुसार अधिकांश सूखे मेवों की तासीर गर्म होती है। ऐसे में यदि इन्हें सही मात्रा और सही तरीके से न खाया जाए, तो शरीर में गर्मी बढ़ने, पेट की परेशानी, मुंहासे और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

गर्मियों में ड्राई फ्रूट्स खाने का सही तरीका
आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, गर्म मौसम में ड्राई फ्रूट्स को सीधे खाने के बजाय भिगोकर खाना बेहतर माना जाता है। रातभर पानी में भिगोने से इनमें मौजूद फाइटिक एसिड कम हो जाता है, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है और शरीर पर गर्म तासीर का प्रभाव भी कम पड़ता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोजाना 20 से 30 ग्राम से अधिक ड्राई फ्रूट्स का सेवन नहीं करना चाहिए। अधिक मात्रा में सेवन करने से वजन बढ़ना, पेट में गर्मी, मुंहासे और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

सबसे ज्यादा गर्म तासीर वाले ड्राई फ्रूट्स

छुआरा
छुआरा खजूर का सूखा रूप होता है और इसकी तासीर बेहद गर्म मानी जाती है। सर्दियों में इसका सेवन लाभकारी माना जाता है, लेकिन गर्मियों में अधिक मात्रा शरीर में अतिरिक्त गर्मी पैदा कर सकती है।

अखरोट
अखरोट ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होता है, लेकिन इसकी तासीर भी गर्म होती है। अधिक सेवन से शरीर का तापमान बढ़ सकता है।

बादाम
बिना भीगे हुए बादाम गर्म तासीर वाले माने जाते हैं। गर्मियों में इन्हें भिगोकर खाने की सलाह दी जाती है ताकि पाचन बेहतर रहे और शरीर में अतिरिक्त गर्मी न बढ़े।

पिस्ता
पिस्ता भी गर्म तासीर वाला ड्राई फ्रूट माना जाता है। इसलिए गर्म मौसम में इसका सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर होता है।

गर्मियों में कौन से ड्राई फ्रूट्स हैं बेहतर विकल्प?

भीगे हुए बादाम
रातभर भिगोए गए बादाम विटामिन ई का अच्छा स्रोत होते हैं और शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद कर सकते हैं।

किशमिश
किशमिश को आयुर्वेद में अपेक्षाकृत ठंडी तासीर वाला माना जाता है। यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ गर्मियों में थकान कम करने में भी मदद कर सकती है।

भीगे हुए काजू और खजूर
काजू और खजूर को भिगोकर खाने से उनका पाचन आसान हो जाता है और शरीर पर गर्म प्रभाव भी कम पड़ता है।

मखाना
मखाना प्राकृतिक रूप से ठंडी तासीर वाला माना जाता है। यह गर्मियों में शरीर को संतुलित रखने और पेट की जलन कम करने में मदद कर सकता है।

किन लोगों को बरतनी चाहिए विशेष सावधानी?
डायबिटीज से पीड़ित लोगों को किशमिश, खजूर और अंजीर जैसे प्राकृतिक शुगर वाले ड्राई फ्रूट्स का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। वहीं वजन नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे लोगों को भी ड्राई फ्रूट्स की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इनमें कैलोरी अधिक होती है। ड्राई फ्रूट्स पोषण का बेहतरीन स्रोत हैं, लेकिन उनका सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करना ही स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है।