रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर दुर्ग और बिलासपुर में छापेमारी की है। इस दौरान 5.39 करोड़ रुपए की ज्वेलरी और कैश जब्त किया गया है जिसमें 53 लाख नकद और 4.86 करोड़ रुपए के आभूषण शामिल हैं।

यह कार्रवाई 30 मार्च को दुर्ग के भाजपा नेता चतुर्भुज राठी पूर्व सीएम के बेटे के करीबी गोविंद बिलासपुर के सराफा कारोबारी विवेक और विकास अग्रवाल के साथ ही रायपुर के कचना स्थित एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के ठिकानों पर की गई थी। शराब कारोबारियों सीए सराफा कारोबारियों और कॉर्पोरेट संस्थाओं से जुड़ी फर्मों पर संदेह के आधार पर यह कदम उठाया गया। तलाशी में यह बात सामने आई है कि अवैध वसूली की रकम को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अलग अलग खातों में घुमाया गया और छिपाकर रखा गया।

 

सिंडिकेट बनाकर 2883 करोड़ का किया गया खेल

 

ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि एक सुनियोजित और संगठित आपराधिक साजिश के तहत यह पूरा खेल किया जा रहा था। इस बड़े सिंडिकेट में राजनीतिक अधिकारी वरिष्ठ नौकरशाह शराब बनाने वाले एफएल 10 ए लाइसेंस धारक और उनके अवैध सहयोगी शामिल थे। इन सभी ने मिलकर साल 2019 से 2022 के बीच राज्य में शराब की खरीद लाइसेंसिंग और बिक्री में जमकर अवैध कमीशन की वसूली की। आर्थिक अपराध शाखा यानी ईओडब्ल्यू ने अपनी चार्जशीट में स्पष्ट किया है कि इस घोटाले से हुई कुल अपराध से अर्जित आय करीब 2883 करोड़ रुपए है।

 

ईडी की रिपोर्ट: माल्या मोदी सहित 21 भगोड़े आर्थिक अपराधी

 

इधर प्रवर्तन निदेशालय ने 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की हेराफेरी कर विदेश भागने वाले 21 लोगों की सूची भी जारी की है। इन सभी की ईडी को तलाश है और इन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है। ईडी की रिपोर्ट के अनुसार इस सूची में बैंक धोखाधड़ी के आरोपी नीरव मोदी विजय माल्या ब्रिटेन स्थित हथियार एजेंट संजय भंडारी और दाउद इब्राहिम के सहयोगी इकबाल मिर्ची की पत्नी हाजरा इकबाल मेमन व उसके परिवार के दो सदस्य शामिल हैं।

 

महादेव सट्टा ऐप के सौरभ और रवि का केस अदालत में लंबित

 

ईडी की इस रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव सट्टा ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल का विशेष जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक इन दोनों प्रमोटर्स के साथ ही हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी और इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत भगोड़ा घोषित करने का मामला अभी अदालतों में विचाराधीन है। ये सभी आरोपी आपराधिक कार्रवाई का सामना करने के लिए भारत लौटने से लगातार इनकार कर रहे हैं।