दुर्ग: छत्तीसगढ़ के Durg में नगर निगम की महापौर अल्का बाघमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने स्थानीय प्रशासनिक व्यवहार और पब्लिक कम्युनिकेशन पर नई बहस छेड़ दी है। वायरल क्लिप में महापौर सड़क किनारे ठेला लगाने वाले दुकानदार को सख्त लहजे में हटने की चेतावनी देती नजर आ रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, कुछ लोग कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं, जबकि कई यूजर्स भाषा और व्यवहार को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

दरअसल, मामला शहर के व्यस्त कुआं चौक इलाके का बताया जा रहा है, जहां लंबे समय से सड़क पर अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, ठेले-खोमचे सड़क तक फैल जाने के कारण ट्रैफिक बाधित होता है और रोजाना हजारों लोगों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ती है। इसी समस्या को लेकर महापौर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और दुकानदारों को हटने के निर्देश दिए, जिसका वीडियो अब चर्चा का विषय बन गया है।comp-7-10_1777803326

वीडियो वायरल होने के बाद महापौर अल्का बाघमार ने सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की आजीविका छीनना नहीं, बल्कि शहर में यातायात व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने माना कि उनके शब्द कठोर हो सकते हैं, लेकिन मंशा गलत नहीं थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कई बार समझाने के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तब उन्हें सख्ती बरतनी पड़ी।

महापौर ने यह भी कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा अवैध रूप से पैसे लेकर ऐसे अतिक्रमण को बढ़ावा दिया जा रहा है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उनकी जिम्मेदारी है कि शहर की सुरक्षा, सुगमता और स्वच्छता बनी रहे। सड़क पर बढ़ता अतिक्रमण भविष्य में दुर्घटनाओं को भी न्योता दे सकता है।whatsapp-image-2026-05-03-at-155530-1_1777804747

इस पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस को जन्म दिया है। जहां एक वर्ग प्रशासन की सख्ती को जरूरी बता रहा है, वहीं दूसरा वर्ग छोटे कारोबारियों के पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग कर रहा है। फिलहाल, यह मामला प्रशासनिक सख्ती और मानवीय संवेदनशीलता के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को उजागर करता है, जिस पर आने वाले दिनों में और स्पष्ट नीति की उम्मीद की जा रही है।