नई दिल्ली: दिल्ली की कथित आबकारी नीति से जुड़े मामले में Arvind Kejriwal ने आज Delhi High Court में बड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वे अपना केस खुद लड़ेंगे। सुनवाई के दौरान अदालत में तीखी बहस देखने को मिली, जहां सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने कई अहम आपत्तियां दर्ज कराईं।

सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने अदालत से अपनी अर्जी को रिकॉर्ड पर लेने का अनुरोध किया और स्पष्ट किया कि उन्होंने अभी तक किसी वकील को अधिकृत नहीं किया है। वहीं सीबीआई की ओर से कहा गया कि यदि वे स्वयं पैरवी करना चाहते हैं, तो उन्हें औपचारिक रूप से वकील हटाने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अदालत ने इस पर नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।

बहस के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि अदालत का मंच गंभीर न्यायिक प्रक्रिया के लिए है, न कि आरोप-प्रत्यारोप के लिए। उन्होंने संस्थाओं पर लगाए गए आरोपों को भी गंभीर बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में न्यायिक गरिमा बनाए रखना जरूरी है। इस पर अदालत ने भी केजरीवाल से स्पष्ट किया कि यदि वे खुद पैरवी करेंगे, तो उन्हें निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।

फिलहाल, अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल तय की है। यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। केजरीवाल का खुद केस लड़ने का फैसला इस पूरे प्रकरण को और अधिक चर्चा में ले आया है, जिस पर अब देशभर की नजरें टिकी हुई हैं।