Dietary Fiber: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स के साथ फाइबर भी जरूरी पोषक तत्वों में शामिल है। बदलती लाइफस्टाइल और प्रोसेस्ड फूड की बढ़ती आदतों के कारण कई लोगों की डाइट में फाइबर की मात्रा कम हो जाती है। इसकी कमी से कब्ज, पेट फूलना और पाचन से जुड़ी दूसरी परेशानियां हो सकती हैं। फाइबर पौधों से मिलने वाला एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है, जिसे शरीर पूरी तरह पचा नहीं पाता। यह पाचन तंत्र को सही तरीके से काम करने में मदद करता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस करा सकता है।

रोज कितने फाइबर की जरूरत होती है?
फाइबर की जरूरत उम्र और लिंग के साथ व्यक्ति की कुल डाइट पर भी निर्भर करती है। सामान्य तौर पर 50 साल या उससे कम उम्र की महिलाओं को करीब 25 ग्राम और पुरुषों को करीब 38 ग्राम फाइबर प्रतिदिन लेने की सलाह दी जाती है। 50 साल से अधिक उम्र में महिलाओं के लिए करीब 21 ग्राम और पुरुषों के लिए करीब 30 ग्राम फाइबर प्रतिदिन का लक्ष्य रखा जा सकता है। हालांकि, व्यक्तिगत जरूरत अलग हो सकती है। फाइबर की मात्रा बढ़ाते समय इसे धीरे-धीरे बढ़ाना और पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।

फाइबर खाने से क्या फायदे मिलते हैं?

  • कब्ज से राहत में मदद
    फाइबर आंतों में मल की मात्रा बढ़ाने और उसे नरम रखने में मदद कर सकता है। इससे मल त्याग आसान हो सकता है और कब्ज की समस्या से राहत मिल सकती है। खासकर फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालों से मिलने वाला फाइबर पाचन के लिए उपयोगी माना जाता है।
  • पेट लंबे समय तक भरा रखता है
    फाइबर वाली चीजें खाने के बाद पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है। इससे बार-बार स्नैकिंग या जरूरत से ज्यादा खाने की आदत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सिर्फ फाइबर खाने से वजन कम नहीं होता। संतुलित डाइट और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है।
  • ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मदद
    कुछ प्रकार के घुलनशील फाइबर पानी के साथ जेल जैसा रूप ले लेते हैं और पाचन की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं। इससे भोजन के बाद ब्लड शुगर बढ़ने की गति धीमी हो सकती है। डायबिटीज वाले लोगों के लिए भी फाइबर युक्त संतुलित डाइट उपयोगी हो सकती है, लेकिन डाइट में बदलाव डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार करना बेहतर है।
  • हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद
    कुछ प्रकार के फाइबर शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। इस वजह से पर्याप्त फाइबर वाली डाइट को हृदय स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।

फाइबर किन चीजों से मिलता है?
फाइबर मुख्य रूप से पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। डाइट में इन चीजों को शामिल किया जा सकता है:

  • सेब और नाशपाती
  • बेरीज
  • हरी सब्जियां
  • मटर
  • दाल
  • चना और बीन्स
  • ओट्स और साबुत अनाज
  • बादाम और अन्य नट्स
  • चिया और अलसी जैसे बीज

जहां संभव हो, फलों को अच्छी तरह धोकर छिलके के साथ खाने से भी फाइबर की मात्रा बढ़ सकती है।

इन खाद्य पदार्थों में मिल सकता है अच्छा फाइबर
लगभग एक मध्यम नाशपाती में 5.5 ग्राम, मध्यम सेब में करीब 4.4 ग्राम और एक कप रास्पबेरी में करीब 8 ग्राम फाइबर हो सकता है। वहीं एक कप पकी हुई दाल में लगभग 15.6 ग्राम फाइबर मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक मात्रा फल के आकार, किस्म और खाद्य पदार्थ की तैयारी के तरीके के अनुसार बदल सकती है।

फाइबर बढ़ाते समय अचानक न करें बदलाव
अगर आपकी डाइट में अभी फाइबर कम है, तो एकदम से इसकी मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ाने से गैस, पेट फूलना और ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए फाइबर को धीरे-धीरे बढ़ाएं और इसके साथ पर्याप्त पानी भी पिएं। पानी की कमी होने पर कुछ लोगों में ज्यादा फाइबर लेने से कब्ज की परेशानी उल्टा बढ़ सकती है।

फाइबर लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
सिर्फ किसी एक फूड पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग स्रोतों से फाइबर लेना बेहतर है। डाइट में फल, सब्जियां, दालें, बीन्स और साबुत अनाज को नियमित रूप से शामिल करें। अगर आपको आंतों से जुड़ी कोई बीमारी है या डॉक्टर ने कम फाइबर वाली डाइट लेने की सलाह दी है, तो अपनी डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से सलाह जरूर लें।

Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। फाइबर की जरूरत व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और डाइट के अनुसार अलग हो सकती है। किसी बीमारी या विशेष स्वास्थ्य स्थिति में डाइट में बदलाव करने से पहले योग्य डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लें।