
बिल्हा। सेवा सहकारी समिति गुमा में चेकों की राशि बदलकर लाखों रुपए पार करने के मामले में बिल्हा पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। समिति के प्राधिकृत अधिकारी राजकुमार बरगाह ने रविवार को एसएसपी रजनेश सिंह से मुलाकात कर इस पूरे प्रकरण की शिकायत की थी। पुलिस कप्तान ने दस्तावेजों को देखने के बाद तत्काल बिल्हा पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। सोमवार को पुलिस ने धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में केस रजिस्टर कर लिया।
इस पूरी जालसाजी में समिति के प्रबंधक रहे शरद कश्यप की भूमिका मुख्य बताई जा रही है। हालांकि, करीब पखवाड़े भर पहले ही उनकी मौत हो चुकी है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, बिना बैंक अधिकारियों की मिलीभगत के चेकों में इतनी बड़ी हेराफेरी मुमकिन नहीं थी। इसी वजह से जिला सहकारी बैंक बिल्हा शाखा के प्रबंधक लक्ष्मण कौशिक और सुपरवाइजर हितेश सलूजा को भी प्रकरण में आरोपी बनाया गया है।
ऑडिट रिपोर्ट के दौरान इस पूरे गड़बड़झाले का खुलासा हुआ। आरोपियों ने सहकारी समिति के प्रस्ताव के तहत अलग-अलग तारीखों में जारी हुए तीन चेकों को अपना निशाना बनाया। इन चेकों पर दर्ज मूल राशि में कांटछांट कर उन्हें बड़ी रकम का बना दिया गया। इसके बाद इन चेकों को बैंक में लगाकर अतिरिक्त पैसे आहरित कर लिए गए। जब विभाग ने खातों का ऑडिट करवाया, तब जाकर कटी हुई लिखावट और बैंक से निकाली गई राशि का मिलान हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धारा 318/4, 336/2, 336/3, 338/2, 340/5, 3 और 5 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। बैंक के अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है ताकि पता चल सके कि कांटछांट वाले चेक किन परिस्थितियों में पास किए गए।
ऐसे हुआ गबन का पूरा खेल
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, समिति में तीन चेकों की राशि में पेन चलाकर कुल 3 लाख 38 हजार रुपए (शिकायती पत्र के मुताबिक लगभग 3.80 लाख) की हेराफेरी की गई:
- पहला चेक: 80,150 रुपए के चेक में आगे संख्या बढ़ाकर उसे 2,80,150 रुपए का बना दिया गया।
- दूसरा चेक: 1,82,080 रुपए वाले चेक में बदलाव कर उसे 2,82,080 रुपए कर दिया गया।
- तीसरा चेक: 51,900 रुपए के चेक की रकम बढ़ाकर 89,900 रुपए कर दी गई।
विभागीय और पुलिस कार्रवाई जारी
दोषियों पर होगी विभागीय कार्रवाई
प्रकरण की जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई होगी।
रजनीश सिंह, अध्यक्ष, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक बिलासपुर
तथ्यों के आधार पर होगी गिरफ्तारी
मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।
टीएस नवरंग, निरीक्षक, आरक्षी केन्द्र बिल्हा