बिल्हा. गुमा की सेवा सहकारी समिति में चेकों की रकम बदलकर लाखों रुपए का गबन सामने आया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। लेकिन, जिला सहकारी बैंक के आरोपी शाखा प्रबंधक लक्ष्मण कौशिक की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि लक्ष्मण कौशिक सत्ताधारी पार्टी के कद्दावर नेता का करीबी रिश्तेदार है। इसी रसूख का इस्तेमाल कर नेता ने कार्रवाई में रोड़ा अटका दिया है, जिसके चलते पुलिस के हाथ भी बंधे नजर आ रहे हैं।

समिति के प्राधिकृत अधिकारी राजकुमार बरगाह ने रविवार को एसएसपी रजनेश सिंह से मुलाकात कर पूरे मामले की लिखित शिकायत की थी। कप्तान ने दस्तावेज खंगाले और फौरन बिल्हा पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। सोमवार को पुलिस ने धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में केस रजिस्टर कर लिया। पुलिस को अंदेशा है कि सरकारी पैसे की इस बंदरबांट में जांच आगे बढ़ने पर और भी परतें खुल सकती हैं।

मास्टरमाइंड की हो चुकी है मौत, बैंक अफसरों की मिलीभगत से हुआ खेल

इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड समिति का पूर्व प्रबंधक शरद कश्यप था। पखवाड़े भर पहले ही उसकी मौत हो चुकी है। मुख्य आरोपी की मौत के बाद मामला उलझता दिख रहा था। लेकिन पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, बिना बैंक अधिकारियों की मिलीभगत के चेकों में इतनी बड़ी हेराफेरी मुमकिन ही नहीं थी। बैंक से पैसा निकालने की प्रक्रिया में कई स्तरों पर जांच होती है, बावजूद इसके कांटछांट वाले चेकों को धड़ल्ले से पास कर दिया गया। इसी कारण जिला सहकारी बैंक बिल्हा शाखा के प्रबंधक लक्ष्मण कौशिक और सुपरवाइजर हितेश सलूजा को भी प्रकरण में आरोपी बनाया गया है।

ऑडिट रिपोर्ट से खुला गड़बड़झाले का राज

विभाग ने जब खातों का स्पेशल ऑडिट करवाया, तब जाकर कटी हुई लिखावट और बैंक से आहरित राशि का मिलान हुआ। आरोपियों ने समिति के प्रस्ताव के तहत जारी तीन अलग-अलग चेकों को अपना निशाना बनाया था। चेक पर लिखी गई मूल रकम पर पेन चलाकर उसे बड़ी राशि में बदल दिया गया। इसके बाद इन चेकों को बैंक में लगाकर आराम से अतिरिक्त पैसा निकाल लिया गया।

रसूख के चलते ठंडे बस्ते में कार्रवाई

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धारा 318/4, 336/2, 336/3, 338/2, 340/5, 3 और 5 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है। कागजी तौर पर दस्तावेजों की जांच चल रही है। बैंक के बाकी कर्मचारियों से भी पूछताछ की तैयारी है ताकि पता चल सके कि कांटछांट वाले चेक किन परिस्थितियों में क्लियर किए गए। मगर जमीनी हकीकत कुछ और ही है। लक्ष्मण कौशिक रसूखदार भाजपा नेता का रिश्तेदार है। इसी राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस उस पर हाथ डालने से कतरा रही है। नेताजी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर फिलहाल गिरफ्तारी रुकवा दी है, जिससे पूरी कार्रवाई ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है।

गबन का पूरा खेल: ऐसे बढ़ाए गए पैसे

ऑडिट के मुताबिक, समिति में तीन चेकों की राशि में पेन चलाकर कुल 3 लाख 38 हजार रुपए (शिकायती पत्र के अनुसार लगभग 3.80 लाख) की हेराफेरी की गई:

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    • पहला चेक: 80,150 रुपए के चेक में आगे संख्या बढ़ाकर उसे 2,80,150 रुपए का बना दिया गया।
    •   दूसरा चेक: 1,82,080 रुपए वाले चेक में बदलाव कर उसे 2,82,080 रुपए कर दिया गया।
    •  तीसरा चेक: 51,900 रुपए के चेक की रकम बढ़ाकर 89,900 रुपए कर दी गई।

 

क्या कहते हैं जिम्मेदार

दोषियों पर होगी विभागीय कार्रवाई

 प्रकरण की जांच जारी है। रिपोर्ट के आधार पर जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई होगी।

रजनीश सिंह, अध्यक्ष, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक बिलासपुर

 

तथ्यों के आधार पर होगी गिरफ्तारी

पूरे मामले की जांच चल रही है। तथ्य सामने आने के बाद उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

 टीएस नवरंग, निरीक्षक, बिल्हा थाना