
रायपुर। महिला डीएसपी कल्पना वर्मा को फर्जी चैट से फंसाने वाले हिस्ट्रीशीटर दीपक टंडन और आईपीएस अधिकारियों के कनेक्शन की जांच की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। मामले में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि दीपक टंडन ईओडब्ल्यू सहित प्रदेश के कई बड़े आईपीएस और पुलिस अफसरों का राजदार है। वह इन दागी अफसरों के काले धन को सफेद करने का काम करता है। इसी साठगांठ और काली कमाई के खेल के चलते बड़े अफसरों ने डीएसपी कल्पना वर्मा मामले में इस हिस्ट्रीशीटर का खुलकर सपोर्ट किया था। दूसरी तरफ इस बदमाश की एक और करतूत उजागर हुई है। दीपक टंडन ने एक महिला का होटल किराए पर लिया और फिर दादागिरी दिखाते हुए उस पर कब्जा जमा लिया। सालों तक टैक्स नहीं पटाने पर अब नगर निगम ने इस होटल को सील कर दिया है।
आईपीएस अफसरों का पैसा बाजार में लगाता है बदमाश
दीपक टंडन केवल जमीनों पर कब्जा नहीं करता बल्कि वह पुलिस महकमे के कई बड़े आईपीएस अधिकारियों के सिंडिकेट का अहम हिस्सा है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस और ईओडब्ल्यू के कुछ अफसरों की काली कमाई का पैसा टंडन ही बाजार में खपाता है। वह काले धन को सफेद करने का मास्टरमाइंड है। यही वजह है कि जब उसने डीएसपी कल्पना वर्मा को फंसाने की साजिश रची तो इन अफसरों ने बिना सही जांच किए उसका साथ दिया। अब इन सभी मामलों में हिस्ट्रीशीटर दीपक टंडन और आईपीएस अधिकारियों के गहरे कनेक्शन की उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है। टंडन इन अफसरों के राज जानता है इसलिए लंबे समय से वह कानून की पकड़ से बाहर रहकर अपराध कर रहा था।
किराएदार से बन बैठा था होटल का मालिक
इस हिस्ट्रीशीटर ने सरिता बाजपेई नाम की महिला से होटल वेलकम श्री बकायदा एग्रीमेंट के तहत किराए पर लिया था। कुछ महीने बाद ही उसने अपनी नीयत बदल ली। उसने महिला को किराया देना बंद कर दिया और दबंगई दिखाते हुए पूरे होटल पर कब्जा कर लिया। वह खुद को होटल का असली मालिक बताकर शहर में धौंस जमाता था। जानकारी तो यह भी है कि इस होटल से वह कई अवैध गतिविधियां संचालित कर रहा था।
2 लाख से ज्यादा का टैक्स बकाया तो निगम ने की सील
अवैध कब्जे के बाद टंडन ने सालों तक नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं किया। जब बकाया टैक्स लगभग 2 लाख से ज्यादा हो गया और कई नोटिस के बाद भी टंडन ने कोई जवाब नहीं दिया तो निगम की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सख्त कार्रवाई करते हुए होटल को सील कर दिया। जब निगम ने जब्ती का पंचनामा तैयार किया तो उसमें संपत्ति की असली मालिक के रूप में सरिता बाजपेई का ही नाम मिला। इस सरकारी दस्तावेज ने टंडन के झूठ की पोल खोल दी।
फर्जी चैट से रची थी डीएसपी के निलंबन की साजिश
होटल सील होने के बाद डीएसपी कल्पना वर्मा प्रकरण की सच्चाई भी बाहर आ रही है। दीपक टंडन ने ही बड़े आईपीएस अफसरों के सामने खुद को पीड़ित बताकर एक झूठी कहानी गढ़ी थी। उसने आरोप लगाया था कि डीएसपी ने उसे फंसाकर करोड़ों रुपए और गाड़ियां ले ली हैं। उसने अफसरों को फर्जी व्हाट्सएप चैट दिखाए थे। इन्ही फर्जी चैट को आधार बनाकर सरकार को गुमराह किया गया और डीएसपी को सस्पेंड करवा दिया गया। अब पुलिस और प्रशासन पर इस पूरे मामले और आईपीएस नेक्सस की नए सिरे से जांच करने का भारी दबाव है।
सील तोड़ा तो होगी एफआईआर
निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना अनुमति के सील तोड़ने पर छत्तीसगढ़ नगर निगम अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई होगी। भारी जुर्माना लगाया जाएगा और बिजली पानी का कनेक्शन भी काट दिया जाएगा। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई भी होगी। दीपक टंडन के खिलाफ पूरे प्रदेश में धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग के 21 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। अब आईपीएस अफसरों से उसकी साठगांठ बेनकाब होने के बाद पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। ॥




