देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 32 वर्षीय युवक की मौत के बाद हंगामे की स्थिति बन गई। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि इंजेक्शन लगाए जाने के बाद युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की।

सीने में दर्द की शिकायत पर अस्पताल पहुंचे थे
जानकारी के अनुसार, पटवनिया गांव निवासी सोनू साहनी (32) की गुरुवार रात अचानक तबीयत खराब हो गई। परिजनों के मुताबिक, उसे सीने में तेज दर्द, घबराहट और बेचैनी की शिकायत थी। इसके बाद उसे इलाज के लिए रुद्रपुर स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया।

परिजनों का आरोप- इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत
मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के बाद सोनू की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज रेफर करने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया। हालांकि, स्थानीय लोगों के समझाने के बाद स्थिति शांत हुई।

अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार
अस्पताल संचालक ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि युवक की मौत उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के कारण हुई है और उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई।

पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सीओ सत्येंद्र कुमार राय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।