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मरवाही विकासखंड की ग्राम पंचायत सिलपहरी में आज एक जन समस्या शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 102 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 77 का समाधान मौके पर ही किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा ने कहा कि यह जन समस्या शिविर ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित किया गया है।

यह जन समस्या शिविर ग्रामीणों की सुविधाओं के लिए आयोजित किया गया था। इसमें कई प्रकार की शिकायतें और मांगें उठाई गई थीं। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य था कि ग्रामीणों को उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान मिल सके। 

शिविर की शुरुआत सुबह 10 बजे हुई। ग्रामीणों ने समय पर पहुंचकर अपनी समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। इस दौरान, महिला एवं बाल विकास विभाग ने गर्भवती महिलाओं के लिए गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन कार्यक्रम आयोजित किया। 

यह शिविर 3 अक्टूबर 2023 को ग्राम पंचायत सिलपहरी में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा के साथ-साथ अन्य स्थानीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

इस शिविर का संचालन जिला पंचायत के अधिकारियों ने किया। जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि लंबित आवेदनों का निराकरण एक महीने के भीतर किया जाए। 

जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा ने कहा कि इस प्रकार के शिविरों का आयोजन ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस शिविर में 77 आवेदन निराकृत किए गए हैं और शेष आवेदनों के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। 

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे शिविर से उन्हें काफी राहत मिलती है। एक ग्रामीण ने कहा, "इस शिविर में हमारी समस्याओं का समाधान हुआ है। हमें उम्मीद है कि बाकी आवेदन भी जल्द ही निपटाए जाएंगे।" 

इससे पहले भी मरवाही में ऐसे शिविर आयोजित किए गए हैं, लेकिन इस बार लोगों की संख्या ज्यादा थी। ग्रामीणों का मानना है कि प्रशासन की पहल से उनकी समस्याओं का समाधान हो रहा है। 

आगामी दिनों में जिला प्रशासन ने और अधिक ऐसे शिविर आयोजित करने की योजना बनाई है। ताकि ग्रामीणों को उनकी समस्याओं का समाधान समय पर मिल सके। 

इस जन समस्या शिविर ने स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुनने का एक सही मंच प्रदान किया है। यह शिविर न केवल आवेदन निराकरण का माध्यम बना, बल्कि ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक भी किया। 

इस प्रकार के आयोजन से प्रशासन और ग्रामीणों के बीच एक सकारात्मक संबंध स्थापित होता है, जो ग्रामीण विकास के लिए आवश्यक है।