
रामपुर/नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर जांच का दायरा बढ़ाया है। मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की जांच के तहत ED ने कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई का दायरा रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली तक फैला हुआ है। जांच टीम वित्तीय दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और ट्रस्ट से जुड़े लेन-देन की जानकारी खंगाल रही है।
सुबह-सुबह जौहर यूनिवर्सिटी पहुंची ED की टीम
आज सुबह करीब 7 बजे ED की टीम जौहर यूनिवर्सिटी परिसर पहुंची। अधिकारियों के साथ केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान भी मौजूद रहे। परिसर में प्रवेश के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और बाहरी लोगों की आवाजाही को सीमित किया गया। जांच टीम ने यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक कार्यालय, ट्रस्ट से जुड़े कार्यालय और अकाउंट सेक्शन में दस्तावेजों की जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि पिछले कई वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन, दान से संबंधित दस्तावेज और निर्माण कार्यों से जुड़े बिल जांच के दायरे में हैं।
सरकारी ठेकों के पैसे से यूनिवर्सिटी को फंडिंग का शक
ED की जांच का एक प्रमुख पहलू कथित तौर पर यह है कि सरकारी निर्माण कार्यों और ठेकों से प्राप्त धनराशि को निजी ठेकेदारों के माध्यम से ट्रस्ट या यूनिवर्सिटी तक पहुंचाया गया या नहीं। जांच एजेंसी कथित फंडिंग के स्रोत और रकम के इस्तेमाल की कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है। इसके लिए बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सहारनपुर में CA के ठिकानों पर भी तलाशी
ED की कार्रवाई का एक सिरा सहारनपुर से भी जुड़ा है। यहां जौहर ट्रस्ट से संबंधित बताए जा रहे चार्टर्ड अकाउंटेंट दीपक गुप्ता के कार्यालय और आवास पर भी तलाशी की जानकारी सामने आई है। अंबाला रोड स्थित कार्यालय और दिल्ली रोड स्थित आवास पर टीम ने वित्तीय दस्तावेज, ऑडिट रिकॉर्ड, बैलेंस शीट और बैंक खातों से जुड़े कागजात की जांच की। जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि ट्रस्ट तक पहुंचने वाली रकम का स्रोत क्या था और उसके लेन-देन में किन लोगों या संस्थाओं की भूमिका रही।
दिल्ली में भी जांच का दायरा
रामपुर और सहारनपुर के अलावा दिल्ली के जामिया नगर समेत कुछ अन्य ठिकानों पर भी तलाशी की जानकारी सामने आई है। यानी ED की मौजूदा कार्रवाई केवल यूनिवर्सिटी परिसर तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसी कथित वित्तीय नेटवर्क से जुड़े अलग-अलग लोगों और ठिकानों को जोड़कर पूरी तस्वीर समझने की कोशिश कर रही है।
आजम खान से जुड़े मामलों की लंबी फेहरिस्त
आजम खान लंबे समय से कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। उनके खिलाफ दर्ज मामलों में जमीन, निर्माण, वित्तीय लेन-देन और अन्य आरोपों से जुड़े प्रकरण शामिल रहे हैं। जौहर यूनिवर्सिटी भी पिछले कुछ वर्षों में अलग-अलग सरकारी जांच और कानूनी विवादों के चलते लगातार चर्चा में रही है।
यूनिवर्सिटी की इमारतों पर भी हो चुका है विवाद
इससे पहले रामपुर जिला प्रशासन ने यूनिवर्सिटी परिसर की 40 में से 38 इमारतों को नियमों और नक्शे से जुड़े कथित उल्लंघनों के आधार पर गिराने का आदेश दिया था। हालांकि, इस आदेश पर मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट की ओर से अंतरिम रोक लगाए जाने की बात सामने आई थी। यूनिवर्सिटी इससे पहले भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर चुकी है। 2019 और 2023 में आयकर विभाग और ED की ओर से आजम खान और यूनिवर्सिटी से जुड़े परिसरों पर तलाशी की कार्रवाई की जानकारी सामने आई थी।
अब ED की जांच में क्या सामने आएगा?
ताजा छापेमारी में ED की टीम मुख्य रूप से पैसे के स्रोत, ट्रस्ट की फंडिंग, निर्माण कार्यों के भुगतान और बैंकिंग ट्रेल को खंगाल रही है। अगर जांच में किसी तरह की वित्तीय अनियमितता या मनी ट्रेल सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, ED की तलाशी जारी है और जांच एजेंसी की ओर से बरामद दस्तावेजों या डिजिटल साक्ष्यों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। इस कार्रवाई के बाद जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खान से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है।