
पटना। बिहार सरकार ने बेउर केंद्रीय आदर्श कारा में सामने आई कथित अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए जेल अधीक्षक नीरज कुमार झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई हाल ही में हुई प्रशासनिक जांच और छापेमारी के दौरान मिली शिकायतों एवं प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जेल प्रशासन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, कारा प्रशासन और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा जेल परिसर में निरीक्षण और छापेमारी की गई थी। इस दौरान जेल के विभिन्न वार्डों में कई व्यवस्थागत खामियां और नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए। जांच के बाद संबंधित रिपोर्ट शासन को सौंपी गई, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
प्रारंभिक जांच में जेल परिसर के भीतर कथित रूप से अवैध मेस संचालन, निर्धारित मानकों के विपरीत सुविधाओं का उपयोग, खाद्य सामग्री की आपूर्ति और बंदियों को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं को लेकर कई सवाल उठे हैं। इसके अलावा कुछ संवेदनशील मामलों में भी प्रशासनिक लापरवाही की बात सामने आई है, जिसकी अलग से समीक्षा की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच का दायरा अभी समाप्त नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। फिलहाल, निलंबित अधीक्षक का मुख्यालय भागलपुर निर्धारित किया गया है, जबकि सहायक कारा महानिरीक्षक राजीव कुमार को बेउर जेल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।