बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। जिले में एक साथ सात मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। संक्रमित मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें चार मरीज शहर के अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि एक मरीज की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। वहीं दो मरीजों का उपचार गनियारी स्थित जन स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें भेजकर सर्वे कराया जा रहा है। मरीजों के संपर्क में आए लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके।

सिम्स में नि:शुल्क जांच की सुविधा

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के सात पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। सभी मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। संदिग्ध मरीजों की जल्द पहचान के लिए सिम्स में नि:शुल्क जांच की व्यवस्था शुरू की गई है। स्वास्थ्य विभाग का फोकस फिलहाल संक्रमित मरीजों के उपचार के साथ-साथ उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान करने पर है। जिन क्षेत्रों से स्वाइन फ्लू के मरीज मिले हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर जानकारी जुटा रही हैं। सर्वे के दौरान लोगों में बीमारी के लक्षणों की जानकारी लेने के साथ संदिग्ध मरीजों की पहचान भी की जा रही है।

बुखार और खांसी को सामान्य समझकर न करें नजरअंदाज

डॉक्टरों ने लोगों से बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम और मौसमी बुखार जैसे हो सकते हैं। ऐसे में कई लोग इसे सामान्य बीमारी समझकर घर पर ही दवा लेना शुरू कर देते हैं। तेज बुखार के साथ लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी, शरीर में ज्यादा कमजोरी या टूटन महसूस होने पर डॉक्टर से जांच कराने की सलाह दी गई है। समय पर बीमारी की पहचान होने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।

बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सावधानी की जरूरत

एच1एन1 वायरस संक्रमित व्यक्ति की खांसी या छींक से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस या दिल से जुड़ी बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने, हाथों को साबुन से बार-बार धोने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर मास्क लगाने की सलाह दी है। घर में किसी व्यक्ति के बीमार होने पर उसके लिए हवादार कमरे की व्यवस्था करने और अन्य लोगों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है।

फिलहाल बिलासपुर जिले में स्वाइन फ्लू के कुल सात मरीज सामने आए हैं। इनमें चार का इलाज अपोलो अस्पताल, एक का रायपुर और दो मरीजों का गनियारी में उपचार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और सर्वे के जरिए संक्रमण की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।