
मेरठ। वर्दी और भरोसे के रिश्ते को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला मेरठ से सामने आया है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) की एक छात्रा ने एक दारोगा पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। छात्रा की शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, FIR की जानकारी मिलते ही आरोपी दारोगा छुट्टी लेकर गायब हो गया।
मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है, क्योंकि पीड़िता ने थाने में बयान के दौरान उस पर समझौते का दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
विश्वविद्यालय में हुई थी दोनों की मुलाकात
आरोपी दारोगा की पहचान ललित मोहन के रूप में हुई है। वह 2023 बैच का सब-इंस्पेक्टर बताया जा रहा है और मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र की तेजगढ़ी चौकी पर तैनात था। पुलिस के मुताबिक, दारोगा का अक्सर CCSU परिसर में आना-जाना था। इसी दौरान उसकी मुलाकात शामली की रहने वाली एक छात्रा से हुई। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह संपर्क कथित तौर पर करीबी रिश्ते में बदल गया। पीड़िता का आरोप है कि दारोगा ने उसे शादी का भरोसा दिया और इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसके साथ संबंध बनाए।
रेस्टोरेंट ले जाने की बात कहकर फ्लैट पर ले जाने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, करीब दो सप्ताह पहले छात्रा डिग्री लेने के लिए विश्वविद्यालय पहुंची थी। इसी दौरान दारोगा ने उससे मुलाकात की और शादी की बात कही। आरोप है कि दारोगा छात्रा को रेस्टोरेंट ले जाने की बात कहकर कार में बैठाकर भोपाल विहार स्थित अपने साथी दारोगा के फ्लैट पर ले गया। उस समय फ्लैट का मालिक वहां मौजूद नहीं था। पीड़िता के अनुसार, इसी स्थान पर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में जब छात्रा ने शादी की बात आगे बढ़ाने को कहा तो आरोपी ने कथित तौर पर शादी से इनकार कर दिया।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
छात्रा ने 14 अगस्त को मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय से शिकायत की। एसएसपी के निर्देश पर भावनपुर थाने में आरोपी दारोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मामला दर्ज होने की जानकारी मिलते ही आरोपी ने अपने वरिष्ठ अधिकारी से छुट्टी मंजूर कराई और थाने से चला गया। इसके बाद से उसके ड्यूटी से गैरहाजिर होने की बात सामने आई है। पुलिस अब आरोपी की तलाश और मामले से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पीड़िता ने लगाया समझौते के दबाव का आरोप
मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। पीड़िता का कहना है कि बयान दर्ज कराने के लिए उसे थाने बुलाया गया था, जहां उस पर समझौता करने का दबाव बनाया गया। इन आरोपों के बाद छात्रा दोबारा एसएसपी कार्यालय पहुंची और अपनी शिकायत रखी। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि उसके बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शादी का प्रस्ताव भी ठुकराया
मामले को खत्म करने के लिए कथित तौर पर आरोपी दारोगा के परिवार की ओर से छात्रा के परिवार से संपर्क किए जाने की बात भी सामने आई है। परिजनों ने कथित तौर पर दोनों की शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन छात्रा ने इसे स्वीकार नहीं किया। उसका कहना है कि वह इसे मुकदमे से बचने की कोशिश मानती है और उसे आशंका है कि शादी के बाद उस पर किसी अन्य तरीके से दबाव बनाया जा सकता है।
विश्वविद्यालय में दारोगा की मौजूदगी पर भी सवाल
इस पूरे प्रकरण में दारोगा की विश्वविद्यालय परिसर में लगातार मौजूदगी भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय में अलग पुलिस चौकी होने के बावजूद आरोपी दारोगा कई विवादों और घटनाओं के दौरान वहां पहुंचता था। पीड़िता का दावा है कि पिछले करीब एक साल से दोनों के बीच बातचीत चल रही थी और कई बार आरोपी उसे उसके घर शामली तक छोड़ने भी गया था।
अब जांच में किन सवालों के जवाब तलाशेगी पुलिस?
मामले की जांच में पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं, दोनों के बीच कितने समय से संपर्क था, घटना के दौरान फ्लैट पर कौन-कौन मौजूद था ? आरोपी और पीड़िता के बीच हुई बातचीत या अन्य डिजिटल साक्ष्य क्या कहते हैं और क्या शादी का वादा वास्तव में किया गया था ? इसके साथ ही पीड़िता द्वारा लगाए गए समझौते के दबाव के आरोपों की भी जांच जरूरी होगी। फिलहाल, आरोपी दारोगा की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। मुकदमे और जांच के निष्कर्ष के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटनाक्रम में वास्तव में क्या हुआ और किन आरोपों की पुष्टि होती है ?