बिलासपुर।शहर के सी.एम.डी. चौक स्थित अपोलो सिटी सेण्टर के ऊपर संचालित जुनेजा सुपर स्पेशलिटी आई हॉस्पिटल में मरीजों के साथ अभद्रता और अस्पताल से जबरन बाहर निकलने का मामला सामने आया है। मामले को देख कर ऐसा लगता है कि इस 'सुपर स्पेशलिटी' अस्पताल में आंखों के इलाज के साथ मरीजों की 'सुपर' बेइज्जती की सुविधा एकदम मुफ्त दी जा रही है। 

आरोप है कि अस्पताल के डॉ. राकेश जुनेजा पर इलाज कराने आई वृद्ध महिला तथा उनके बेटे के साथ दुर्व्यवहार करने, चिल्लाने तथा उन्हें उंगली दिखाते हुए बेइज्जत कर अस्पताल से बाहर निकाल दिया । मामले की शिकायत पीड़ित के परिजनों ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य सेवाएं संचालक, जिला प्रशासन तथा जिला चिकित्सा कार्यालय बिलासपुर से करते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता आफताब अहमद खान ने बताया कि वे अपनी माता श्रीमती मखमूर जहाँ के मोतियाबिंद के ऑपरेशन की काउंसलिंग के लिए 2 तथा 3 सितंबर को जुनेजा सुपर स्पेशलिटी आई हॉस्पिटल गए थे। वहां काउंसलर द्वारा बताया गया कि अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन प्रतिदिन होता है। उन्हें दूसरे दिन सुबह 10 बजे आने के लिए कहा गया।

तय समय के अनुसार 4 सितंबर को सुबह 10 बजे आफताब अपनी बुजुर्ग माँ को लेकर ऑपरेशन के लिए पुनः जुनेजा अस्पताल पहुंचे। जैसे ही वे दोनों रिसेप्शन के सामने बैठे, अंदर से डॉ. राकेश जुनेजा की अपने ही स्टाफ पर जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज बाहर आने लगी। शिकायत के अनुसार, जैसे ही डॉ. जुनेजा रिसेप्शन के पास बाहर आए, उन्होंने आफताब व उनकी माता को उंगली दिखाते हुए बहुत अभद्र रवैये के साथ तीन बार बाहर जाने के लिए कहा।

जब आफताब ने डॉ. जुनेजा को आराम से बात करने को कहा तथा बताया कि वे वहां इलाज करवाने आए हैं, तो डॉक्टर ने कहा, "चप्पल बाहर उतार कर आ।" डॉक्टर की यह तीखी भाषा सुनकर वृद्ध मां घबरा गईं। इस पर आफताब ने बोला, "व्हाट इज दिस बिहेवियर? क्या आप अपने सभी पेशेंट्स से ऐसे बात करते हो?" इसके जवाब में डॉ. जुनेजा ने कहा कि मेरा समय खराब मत करो मेरी मीटिंग/वीसी है। मरीज सामने इलाज की आस में खड़ा था, लेकिन डॉक्टर साहब के लिए उनका वीआईपी रुतबा और मीटिंग इतनी अहम थी कि उन्हें मरीज की तकलीफ और उम्र का भी लिहाज नहीं रहा।

आफताब ने भी जवाब दिया कि दूरदराज से लोग इलाज कराने आते हैं, मीटिंग/वीसी होना मरीज की समस्या नहीं है। इतना सुनते ही डॉ. जुनेजा चिल्लाते हुए अस्पताल से बाहर चले गए।

आफताब अहमद खान ने अपनी शिकायत में बताया है कि इस घटना की पुष्टि के लिए अस्पताल में लगे सी.सी.टी.वी. फुटेज निकलवाए जा सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मरीजों के साथ इस तरह के दुर्व्यवहार के लिए डॉ. राकेश जुनेजा पर जुर्माना लगाया जाए या उनका लाइसेंस निरस्त करते हुए कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

उन्होंने अपने शिकायत पत्र में लिखा है कि दूरदराज से हजारों की संख्या में मरीज यहां इलाज कराने आते हैं। यहां इलाज कराने आने का यह मतलब कतई नहीं है कि मरीज अपना आत्मसम्मान बेच दे या पूरे अस्पताल के सामने अपनी बेइज्जती करवाए। ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे भविष्य में किसी अन्य पेशेंट को इस असहज स्थिति का सामना न करना पड़े। शिकायत पत्र के साथ 4 सितंबर 2026 को इलाज हेतु भेजे गई मेडिकल कार्ड की जानकारी भी संलग्न की गई है।