कोलकाता। कोलकाता के कालीघाट थाना क्षेत्र में पुलिस प्रशासनिक अस्थिरता एक बार फिर चर्चा में है। महज 24 घंटे के भीतर थानेदार (ओसी) के पद पर फिर बदलाव कर दिया गया, जिससे महकमे में हलचल तेज हो गई है। लगातार हो रहे तबादलों ने न सिर्फ पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि संवेदनशील इलाकों में प्रशासनिक स्थिरता को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।

जानकारी के अनुसार, पहले गौतम दास को हटाकर चमेली मुखर्जी को कालीघाट थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन अगले ही दिन आदेश बदलते हुए उन्हें भी पद से हटा दिया गया। अब इस अहम थाने की कमान बलाई बाग को दी गई है, जो पहले पोलेरहाट थाना में अतिरिक्त थानेदार के रूप में कार्यरत थे। उल्लेखनीय है कि यह थाना क्षेत्र ममता बनर्जी के आवास के कारण बेहद संवेदनशील माना जाता है।

पुलिस आयुक्त अजय नंद के निर्देश पर हुए इस त्वरित फेरबदल ने विभागीय हलकों में कई तरह की अटकलों को जन्म दिया है। खास बात यह है कि पिछले 36 दिनों में यह चौथी बार है जब कालीघाट थाने के ओसी को बदला गया है। इससे पहले 29 मार्च को खुफिया विभाग के अधिकारी उत्पल घोष को यहां तैनात किया गया था, जिन्हें एक महीने के भीतर ही हटा दिया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी माहौल के बीच पुलिस प्रशासन में इस तरह के लगातार बदलाव चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों और सुरक्षा रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन बार-बार के तबादले से जमीनी स्तर पर कामकाज प्रभावित होता है। कालीघाट जैसे हाई-प्रोफाइल क्षेत्र में स्थिर नेतृत्व की कमी कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है, जिस पर प्रशासन को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।