
बिलासपुर : बिल्हा के ग्राम सेवती में 5 दिन से लापता कोटवार का शव खेत में मिलने से गांव में हड़कंप मच गया। 30 वर्षीय कमलदास खेत में टूटकर गिरे एलटी लाइन के तार की चपेट में आ गया था। तार में करंट दौड़ रहा था, जिसकी चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद उसका शव करीब पांच दिनों तक खेत में ही पड़ा रहा। इधर, परिजन उसे लापता समझकर लगातार तलाश करते रहे। किसी को अंदाजा तक नहीं था कि कमलदास खेत में बिजली के तार से चिपका पड़ा है। पांच दिन बाद बिजली लाइन की मरम्मत करने पहुंचे कर्मचारियों की नजर शव पर पड़ी, तब इस दर्दनाक हादसे का खुलासा हुआ।
फसल देखने गया खेत, फिर नहीं लौटा वापस
परिजनों के मुताबिक कमलदास 30 सितंबर की सुबह फसल देखने के लिए खेत गया था। शाम तक घर वापस नहीं आया तो परिवार ने रिश्तेदारों और परिचितों से जानकारी ली। आसपास के इलाकों में भी तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद बिल्हा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस भी उसकी तलाश में जुटी थी।
बिजली सुधारने पहुंचे कर्मचारी, तो सामने आया खौफनाक मंजर
4 अक्टूबर को बिजली विभाग के कर्मचारी खेत में टूटी एलटी लाइन की मरम्मत करने पहुंचे। इसी दौरान उनकी नजर खेत में औंधे मुंह पड़े एक व्यक्ति के शव पर पड़ी। शव काफी हद तक सड़ चुका था और बिजली के तार से चिपका हुआ था। कर्मचारियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। इसके बाद बिल्हा पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान कमलदास के रूप में हुई।
जवान बेटे की मौत से परिवार सदमे में
कमलदास गांव में कोटवार के रूप में काम करता था। जवान बेटे की इस तरह दर्दनाक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने बिजली विभाग की लाइन के रखरखाव और समय पर मरम्मत नहीं किए जाने को लेकर आरोप लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि यदि टूटे तार की समय पर मरम्मत कर दी जाती तो कमलदास की जान बच सकती थी। परिजनों ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जेई को 10 दिन पूर्व दी थी ग्रामीणों ने सूचना
ग्रामीणों के अनुसार जिस खेत में हादसा हुआ, वह बरतोरी क्षेत्र में आता है। ग्रामीणों का दावा है कि टूटे बिजली तार की जानकारी बरतोरी के जेई रोशन श्रीवास को करीब 10 दिन पहले ही दे दी गई थी। इसके बावजूद लाइन की मरम्मत नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर शिकायत के बाद तत्काल कार्रवाई होती तो यह हादसा टाला जा सकता था।
4 अक्टूबर को मिली थी सूचना: जेई
वहीं जेई रोशन श्रीवास ने ग्रामीणों के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि 4 अक्टूबर को ग्रामीण कार्यालय पहुंचे और एलटी लाइन टूटने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही उसी दिन कर्मचारियों को लाइन सुधारने के लिए खेत भेजा गया था। इसी दौरान कर्मचारियों को कमलदास का शव मिला।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह
बिल्हा थाना प्रभारी तोप सिंह नवरंग ने बताया कि शव काफी पुराना होने के कारण सड़ चुका था। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिम्स भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।