किन्नौर। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में मानसून की दस्तक से पहले ही मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। निचार क्षेत्र के काचरंग इलाके में देर रात बादल फटने के बाद नाले में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। तड़के करीब तीन बजे आए तेज बहाव से सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हो गया। घटना के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेना शुरू कर दिया है।Kinnaur-Cloudburst-1-1782284705890

बाढ़ के कारण जलशक्ति विभाग की पेयजल परियोजना को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। कई जगह पाइपलाइन बह गईं, जबकि पानी संग्रहण के लिए बनाए गए इंटेक टैंक भी क्षतिग्रस्त हो गए। इससे आसपास के गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है और लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था की चिंता सताने लगी है।

प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा असर बागवानी और कृषि क्षेत्र पर देखने को मिला है। नाले के साथ आए भारी मलबे ने सेब के बगीचों और खेती की जमीन को नुकसान पहुंचाया है। कई स्थानों पर सेब के पौधे और पेड़ उखड़ गए, जबकि खेतों में मलबा जमा हो गया। स्थानीय बागवानों को बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका है।Kinnaur-Cloudburst-1782284445957_v (1)

राहत की बात यह रही कि बाढ़ का रुख रिहायशी इलाकों की ओर नहीं गया, जिससे किसी जनहानि की सूचना नहीं है। कई घर खतरे की जद में आने से बाल-बाल बच गए। प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है और प्रभावित मार्गों को बहाल करने के साथ पेयजल व्यवस्था जल्द सामान्य करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।