रायपुर। प्रदेश में अल नीनो के प्रभाव और कमजोर मानसून की आशंका के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे मौसम विभाग के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए खेती-किसानी की योजना बनाएं, ताकि कम बारिश की स्थिति में भी नुकसान को कम किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विभाग पहले ही संकेत दे चुका है कि इस वर्ष मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। ऐसे में कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है और उन्हें परिस्थितियों के अनुरूप फसल चयन, बुवाई और कृषि प्रबंधन अपनाने की सलाह दी जा रही है।

किसानों को सरकार का भरोसा
जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले के दौरे पर रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को समय पर आवश्यक जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ मिले, ताकि कमजोर मानसून का असर खेती पर कम से कम पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए खेती की रणनीति तैयार करें। सरकार और कृषि विभाग इस दिशा में लगातार सलाह और सहयोग उपलब्ध करा रहे हैं।

सक्ती में भाजपा कार्यालय का करेंगे भूमिपूजन
मुख्यमंत्री ने बताया कि वे आज सक्ती जिले के दौरे पर जा रहे हैं, जहां भाजपा के नए जिला कार्यालय के निर्माण के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान स्थानीय विकास कार्यों और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे।

AI मिशन पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में एक दिन पहले हुई समीक्षा बैठक का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बजट में राज्य सरकार ने पांच प्रमुख मिशन निर्धारित किए हैं, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन भी शामिल है। उन्होंने कहा कि आज AI का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और प्रशासन सहित लगभग हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए सरकार इस तकनीक के प्रभावी और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। समीक्षा बैठक में AI के बेहतर उपयोग और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

चरण पादुका योजना पर हाईकोर्ट के आदेश का लिया संज्ञान
मुख्यमंत्री से चरण पादुका योजना के लिए जारी टेंडर पर हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक के संबंध में भी सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि सरकार ने न्यायालय के आदेश का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान यह योजना बंद कर दी गई थी, जबकि उनकी सरकार ने इसे दोबारा शुरू किया है। सरकार की मंशा है कि यह योजना लगातार संचालित रहे और हर वर्ष पात्र हितग्राहियों को इसका लाभ मिलता रहे।

चिंतन शिविर में गुड गवर्नेंस पर होगी चर्चा
मुख्यमंत्री ने बताया कि 4 और 5 जुलाई को भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) में आयोजित होने वाले चिंतन शिविर का यह तीसरा संस्करण होगा। इस शिविर में सरकार के कामकाज की समीक्षा, सुशासन (गुड गवर्नेंस), प्रशासनिक सुधार और भविष्य की कार्ययोजना जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे चिंतन शिविरों से सरकार को अपनी योजनाओं और कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करने का अवसर मिलता है। इससे नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा जनहित के कार्यों में तेजी लाने में मदद मिलती है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस बार का चिंतन शिविर भी प्रशासनिक सुधार और बेहतर शासन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।