रायपुर। प्रदेश के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले की आंच अब भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव तक पहुंच गई है। मामले की जांच कर रही ईओडब्लू (EOW) की टीम ने शनिवार को देवेंद्र यादव को अपने दफ्तर बुलाकर करीब दो घंटे तक पूछताछ की। असल में, घोटाले की परतें खंगालने के दौरान सूर्यकांत तिवारी से एक सीक्रेट डायरी जब्त हुई थी, जिसमें लेनदेन का जिक्र है। सूत्रों के मुताबिक, इसी जब्त डायरी में देवेंद्र का नाम भी सामने आया है। डायरी में विधायक तक रकम पहुंचने का उल्लेख होने की बात कही जा रही है, जिसके बाद जांच एजेंसी ने उन्हें यह समन जारी कर तलब किया था।

शुक्रवार को ही समन तामील कराने के लिए ईओडब्लू का एक सिपाही बकायदा भिलाई भेजा गया था। समन मिलने के बाद शनिवार को देवेंद्र दफ्तर पहुंचे। वहां जांच एजेंसी ने उनसे डायरी में दर्ज कथित जानकारी और उन तक रकम पहुंचने के संबंध में लगातार दो घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ पूरी होने के बाद विधायक वापस लौट आए। बताया जा रहा है कि देवेंद्र ने दफ्तर में खुद पर लगे इन तमाम आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। जांच एजेंसी उनसे इस कथित लेन-देन पर आगे भी पूछताछ कर रही है और जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा भी बुलाया जा सकता है।

ऐसे खड़ा किया गया 540 करोड़ की वसूली का सिंडिकेट

आखिर यह पूरा तंत्र खड़ा कैसे हुआ? यह मामला सिर्फ डायरी तक सीमित नहीं है, इसके पीछे एक बड़ा जाल बुना गया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, अवैध लेवी वसूली का यह खेल जुलाई 2020 में शुरू हुआ और जून 2022 तक बेरोकटोक चला। कोयला व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को इस सिंडिकेट ने अपने शिकंजे में कस लिया था। तय कर दिया गया था कि हर टन कोयला परिवहन पर 25 रुपए की अवैध लेवी देनी ही होगी।

सिस्टम से खिलवाड़: ऑनलाइन परमिट को किया ऑफलाइन

वसूली का यह सिंडिकेट खड़ा करने के लिए बाकायदा खनन विभाग के नियमों में बदलाव किया गया। जो कोल परमिट पहले ऑनलाइन मिला करते थे, उन्हें जानबूझकर ऑफलाइन कर दिया गया। आरोप है कि परमिट व्यवस्था ऑफलाइन होते ही सिंडिकेट ने इसे अपने नियंत्रण में ले लिया। इसी ऑफलाइन प्रक्रिया की आड़ में अवैध वसूली का ऐसा तंत्र खड़ा किया गया, जिसने पूरी व्यवस्था को अपने हिसाब से चलाया।

ईडी और ईओडब्लू की जांच के अनुसार, ऑनलाइन से ऑफलाइन किए गए इसी परमिट तंत्र के जरिए इस सिंडिकेट ने करीब 540 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वसूली की। अब इसी बहुचर्चित घोटाले से जुड़े तार और डायरी के पन्ने ईओडब्लू को अलग-अलग ठिकानों तक ले जा रहे हैं, जिसमें फिलहाल भिलाई विधायक से हुई यह पूछताछ फोकस में है।