फरसगांव। कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक में सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों की परेशानी एक बार फिर सामने आई है। पाण्डेआठगांव से चान्दागांव को जोड़ने वाले मार्ग पर बारिश के कारण बने बड़े गड्ढे से लोगों को लंबे समय से आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। कई दिनों तक समस्या जस की तस बनी रही, लेकिन जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर से ठीक एक दिन पहले गड्ढे में मिट्टी-मुरुम डालकर रास्ते को अस्थायी रूप से दुरुस्त कर दिया गया।

सबसे बड़ा सवाल सड़क की जिम्मेदारी को लेकर खड़ा हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, जब सड़क की समस्या लेकर संबंधित विभागों से संपर्क किया गया तो लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) दोनों की ओर से सड़क उनके अधीन नहीं होने की बात कही गई है। ऐसे में ग्रामीण पूछ रहे हैं कि आखिर इस सड़क की देखरेख और मरम्मत की जिम्मेदारी किस विभाग की है?

शिविर से पहले हुई अस्थायी मरम्मत
जानकारी के मुताबिक, चान्दागांव में आज जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित होना था। इससे एक दिन पहले सोमवार को पंचायत सचिव की मौजूदगी में सड़क पर बने गड्ढे में मिट्टी और मुरुम डलवाई गई। इससे फिलहाल लोगों के लिए रास्ते से गुजरना कुछ आसान हुआ है, लेकिन ग्रामीण इसे स्थायी समाधान नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि बारिश के दौरान सड़क की स्थिति फिर खराब हो सकती है और गड्ढा दोबारा परेशानी का कारण बन सकता है।

एक दर्जन से ज्यादा गांवों के लिए अहम रास्ता
पाण्डेआठगांव-चान्दागांव मार्ग आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग बताया जा रहा है। इसी सड़क से ग्रामीण जनपद मुख्यालय सहित अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचते हैं। स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी भी इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। सड़क पर गड्ढे और खराब सतह के कारण खासकर दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति जल्द ठीक नहीं हुई तो आने वाले दिनों में समस्या और बढ़ सकती है।Soil and murrum filled into the road potholes

PWD और PMGSY की भूमिका पर सवाल
सड़क की मरम्मत को लेकर ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से शिकायत की थी। जनपद पंचायत सदस्य सुखड़ू राम मंडावी के अनुसार, सड़क की स्थिति के बारे में PWD और PMGSY के अधिकारियों को जानकारी दी गई थी। लेकिन दोनों विभागों द्वारा सड़क को अपने अधिकार क्षेत्र में नहीं होने की बात कहे जाने के बाद अब जिम्मेदारी को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय सीमा स्पष्ट नहीं होने का खामियाजा आखिर आम लोगों को क्यों भुगतना पड़े?

ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई
पूर्व सरपंच मंगल मरकाम समेत स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की स्थिति का स्थायी समाधान करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल गड्ढे में मिट्टी-मुरुम डालने से समस्या खत्म नहीं होगी। उनकी मांग है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति और स्वामित्व स्पष्ट करे। इसके बाद खराब हिस्से की स्थायी मरम्मत कराई जाए, ताकि ग्रामीणों और विद्यार्थियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।

पंचायत ने फिलहाल चलने लायक बनाया रास्ता
पंचायत सचिव चैतूराम नेताम के मुताबिक, लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए फिलहाल गड्ढे वाले हिस्से में मिट्टी-मुरुम डलवाकर रास्ते को आवागमन के लिए सुगम बनाया गया है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी मरम्मत के बजाय सड़क की स्थायी व्यवस्था जरूरी है। अब ग्रामीण प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं कि सड़क किस विभाग के अंतर्गत आती है और इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी कौन उठाएगा ?