रायपुर। पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ चल रहे अभियान के बाद छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर राज्य पुलिस और इंटेलिजेंस विंग संभावित संदिग्धों की पहचान और सत्यापन में जुट गई है। आशंका जताई जा रही है कि कार्रवाई के डर से कुछ लोग दूसरे राज्यों में जाकर छिपने की कोशिश कर सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों, खासकर मालदा क्षेत्र में दस्तावेज सत्यापन और निगरानी अभियान तेज किया गया है। इसके बाद विभिन्न राज्यों को भी सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि कुछ लोग मजदूर बनकर अलग-अलग शहरों में पहचान छिपाकर रह सकते हैं।

जानकारी के अनुसार रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे शहरों में बाहरी मजदूरों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। निर्माण स्थलों, किराये के मकानों और अस्थायी बस्तियों में रहने वाले लोगों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। स्थानीय पुलिस टीमों को भी पहचान और पते के सत्यापन के लिए सक्रिय किया गया है।

प्रशासन विशेष रूप से हाल ही में बने आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड जैसे दस्तावेजों की जांच कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए पहचान स्थापित करने की कोशिशों को रोकना जरूरी है। इसी कारण दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया को और कड़ा किया गया है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से कई संदिग्ध विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया जा चुका है। राजधानी रायपुर और दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में भी पहले ऐसे मामले सामने आए थे, जिसके बाद पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की थी। अब नए इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां एक बार फिर सतर्क हो गई हैं और पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।