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कोरबा : रात के समय एक मालगाड़ी गेवरा खदान की ओर बढ़ रही थी कि तभी दीपका रेलवे क्रॉसिंग के पास अचानक इंजन पर पत्थरों की बौछार शुरू हो गई। पायलट कुछ समझ पाता, इससे पहले एक पत्थर सीधे उसके सिर पर जा लगी, जिससे सिर से खून बहने लगा तो लोको पायलट को मालगाड़ी रोकनी पड़ी। पत्थरबाज़ी से इंजन का दरवाजा भी क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना के बाद जांच में जुटी रेलवे सुरक्षा बल ने पत्थरबाजी करने वाले एक युवक को पकड़ लिया है।
मामला 10 सितंबर की रात करीब सवा 10 बजे जूनाडीह-दीपका एसईसीएल साइडिंग के बीच का है। मालगाड़ी कोरबा रेलवे कॉलोनी निवासी लोको पायलट सुनील कुमार चला रहे थे। वे गेवरा खदान से कोयला लोड करने के लिए जा रहे थे। दीपका रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचते ही अज्ञात लोगों ने ट्रेन के इंजन पर पथराव शुरू कर दिया।
सीधे लोको पायलट के सिर पर लगा पत्थर
अचानक हुए पथराव से लोको पायलट भी सकते में आ गए। इसी दौरान एक पत्थर इंजन के दरवाजे के कांच को तोड़ता हुआ सुनील कुमार के सिर से जा टकराया। उन्हें गंभीर चोट आई और सिर से खून निकलने लगा। हालत को देखते हुए चलती मालगाड़ी को तत्काल रोकना पड़ा। घटना की सूचना रेलवे के अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घायल लोको पायलट को अस्पताल पहुंचाया गया।
सीसीटीवी फुटेज से शुरू हुई तलाश
घटना को गंभीरता से लेते हुए रेलवे सुरक्षा पोस्ट कोरबा में रेलवे एक्ट की धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद रेलवे क्रॉसिंग और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस ने आस पास के लोगों से भी पूछताछ की और संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई। आरपीएफ को जांच में दीपका थाना के पुलिस का सहयोग मिला। संयुक्त कार्रवाई में कृष्णानगर दीपका निवासी रोशन तिवारी (26) को पकड़ा गया।
पूछताछ में घटना में शामिल होने की बात स्वीकार
पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया। आरोपी के बयान के आधार पर उसे पहले से दर्ज प्रकरण में संबद्ध किया गया। सोमवार को आरपीएफ ने आरोपी को बिलासपुर रेलवे न्यायालय के समक्ष पेश किया।
कुछ देर थमी रही मालगाड़ी, रेल यातायात भी प्रभावित
इंजन पर पथराव के बाद मालगाड़ी काफी देर तक रेलवे ट्रैक पर खड़ी रही। इससे रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाएं न केवल रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि लोको पायलट और ट्रेन में सवार यात्रियों की जान को भी सीधे खतरे में डालती हैं। रेलवे प्रशासन ने ऐसे मामलों में कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
