बिलासपुर : मां की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए करीब दो साल से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे मनेन्द्रगढ़ निवासी विक्रम मलिक के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप किया है। जस्टिस बी डी गुरु की सिंगल बेंच ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक को नगर पालिका की अनुशंसा और भेजे गए प्रस्ताव पर विचार कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस प्रक्रिया के लिए अधिकतम 30 दिन की समय-सीमा तय की है।

सेवा के दौरान हुई थी मां की मौत, आवेदन के बाद भी नहीं हुआ फैसला

मामला मनेन्द्रगढ़ नगर पालिका परिषद से जुड़ा है। विक्रम मलिक की मां विमला बाई नगर पालिका में क्लीनर के पद पर कार्यरत थी। 23 अगस्त 2024 को सेवा के दौरान उनका निधन हो गया। इसके बाद विक्रम ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। आवेदन के साथ शैक्षणिक योग्यता, आश्रित होने का प्रमाण और अन्य जरूरी दस्तावेज भी जमा किए गए। विक्रम का कहना था कि परिवार में उसकी अनुकंपा नियुक्ति को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं है। सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बावजूद उसके आवेदन पर लंबे समय तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। इसके बाद उसने हाई कोर्ट में याचिका दायर की।

नगर पालिका ने माना पात्र, भेजी अनुशंसा

सुनवाई के दौरान मनेन्द्रगढ़ नगर पालिका की ओर से अधिवक्ता डॉ. सुदीप अग्रवाल ने 13 मई 2026 का पत्र कोर्ट के समक्ष पेश किया। इसमें बताया गया कि नगर पालिका परिषद ने विक्रम मलिक को अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र और उपयुक्त पाया है। इसके बाद नियुक्ति के लिए अनुशंसा नगरीय प्रशासन एवं विकास संयुक्त संचालक को भेजी गई।

31 जुलाई को प्रस्ताव संचालक तक पहुंचा

नगर पालिका की अनुशंसा को संयुक्त संचालक ने 31 जुलाई 2026 को नगरीय प्रशासन एवं विकास के संचालक को आगे भेज दिया। रिकॉर्ड के मुताबिक, देरी की वजह उस समय मनेन्द्रगढ़ नगर पालिका में उपयुक्त रिक्त पद उपलब्ध नहीं होना बताया गया। ऐसे में विक्रम की नियुक्ति का मामला अब संचालक स्तर पर लंबित है।

अब 30 दिन में लेना होगा निर्णय

विक्रम की ओर से अधिवक्ता कल्पेश रुपारेल ने कोर्ट से आग्रह किया कि संचालक को अनुशंसा पर अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया जाए। वही राज्य की ओर से डिप्टी गवर्नमेंट एडवोकेट दीक्षा गौराहा ने बताया कि मामला संचालक के समक्ष लंबित है और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने नगरीय प्रशासन एवं विकास के संचालक को निर्देश दिया कि मनेन्द्रगढ़ नगर पालिका की अनुशंसा और संयुक्त संचालक द्वारा 31 जुलाई 2026 को भेजे गए प्रस्ताव पर विचार कर विक्रम की अनुकंपा नियुक्ति के संबंध में कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने आदेश की प्रति प्राप्त होने की तारीख से अधिकतम 30 दिन में प्रक्रिया पूरी करने को कहा है। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने याचिका का निराकरण कर दिया।