
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के गणेशपुर गांव से बुजुर्ग महिला के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। करीब 90 वर्षीय महिला ने अपने ही परिजन पर मारपीट करने और गर्म पानी डालने का आरोप लगाया है। महिला जब गंभीर चोटों के साथ मदद की उम्मीद लेकर जनपद कार्यालय पहुंची तो उसकी हालत देखकर अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया और उपचार के लिए अस्पताल भेजा।
बताया जा रहा है कि महिला की पीठ पर गर्म पानी से झुलसने जैसे गंभीर जख्म हैं। इसके अलावा आंख के ऊपर भी चोट के निशान बताए जा रहे हैं, जिससे खून बह रहा था। बुजुर्ग महिला की हालत देखकर जनपद कार्यालय में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी मामले को लेकर गंभीर नजर आए।
गंभीर हालत में जनपद कार्यालय पहुंची बुजुर्ग
जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग महिला कथित तौर पर परिजनों की प्रताड़ना से परेशान होकर सहायता मांगने जनपद कार्यालय पहुंची थी। महिला के शरीर पर चोट के निशान और पीठ पर झुलसने के जख्म देखकर अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। अधिकारियों ने बिना देरी किए महिला को चिकित्सकीय उपचार के लिए अस्पताल भेजने की व्यवस्था की। महिला ने कथित तौर पर अपने परिजन पर उसके साथ मारपीट करने और गर्म पानी डालने का आरोप लगाया है। हालांकि, घटना किस वजह से हुई और विवाद की वास्तविक स्थिति क्या थी, इसे लेकर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।
अधिकारियों ने थाना प्रभारी से की कार्रवाई की चर्चा
मामले की जानकारी सामने आने के बाद अधिकारियों ने संबंधित थाना प्रभारी से चर्चा कर मामले में आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है। बुजुर्ग महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस स्तर पर जांच की आवश्यकता बताई जा रही है। पुलिस जांच के दौरान महिला के बयान, चोटों की मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें
इस घटना से जुड़ी जानकारी और बुजुर्ग महिला की चोटों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही हैं। तस्वीरों में महिला के शरीर पर चोट के निशान दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा में आ गया है और लोग बुजुर्ग महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों या दावों को घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं माना जा सकता। पूरे मामले की वास्तविकता पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
जांच के बाद साफ होगी पूरी सच्चाई
बुजुर्ग महिला को उपचार के लिए अस्पताल भेजे जाने की जानकारी है। उसके साथ वास्तव में क्या हुआ, गर्म पानी कैसे गिरा या डाला गया और चोट किन परिस्थितियों में लगी, इन सभी सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। इस घटना ने बुजुर्गों की सुरक्षा और परिवार के भीतर उनके साथ होने वाले व्यवहार को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खास तौर पर 90 वर्ष की उम्र में किसी बुजुर्ग के गंभीर चोटों के साथ सरकारी कार्यालय तक मदद मांगने पहुंचने की घटना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जरूरत सामने आती है। फिलहाल, मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार है। महिला द्वारा लगाए गए मारपीट और गर्म पानी डालने के आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।