
बिलासपुर | रतनपुर नगर पालिका अध्यक्ष लवकुश कश्यप के खिलाफ दशनाम जूना अखाड़ा की साध्वी ने मीडिया के सामने आकर न्याय की मांग की है। साध्वी ने मीडिया से बातचीत में अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाये है साथ ही पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किये हैं। साध्वी से बदसलूकी का यह मामला अभी चर्चा में है वही अध्यक्ष लवकुश कश्यप की दबंगई के एक के बाद एक कारनामें सामने आ रहे है। हाल ही में नगर पालिका अध्यक्ष पर महिला की जमीन से लगी सरकारी जगह पर जबरन कब्जा करने और उसे 'टोनही' कहकर प्रताड़ित करने का आरोप लगा है। महिला ने पुलिस अधीक्षक बिलासपुर से पुरे मामले की शिकायत की है l
साध्वी ने मीडिया को बताया- 11 साल से परेशान कर रहे
अखिल भारतीय संत समाज की सदस्य और दशनाम जूना अखाड़ा की प्रतिष्ठित साध्वी ने मीडिया के सामने आकर बताया कि लवकुश कश्यप उन्हें 11 साल से परेशान कर रहा हैं। अध्यक्ष उन्हें धमकी देता हैं कि बिलासपुर जिले में नहीं रहने दूंगा, भू-माफिया बताकर जेल भेज दूंगा। साध्वी ने बताया कि वे चपोरा स्थित मठ में रहकर पूजा-पाठ करती हैं। लवकुश कामुक मानसिकता के साथ उनका पीछा करते हैं और मठ तक पहुंच कर गंदे इशारे करते हैं। मंदिरों और दान देने वाले स्थानों पर उनका अपमान किया जाता है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें बदनाम किया जा रहा है।
साध्वी ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष डिप्टी सीएम अरुण साव और केंद्रीय मंत्री तोखन साहू जैसे बड़े नेताओं का नाम लेकर धौंस जमाता हैं। मुख्यमंत्री और आईजी से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने अब तक किसी का बयान दर्ज नहीं किया है। उन्होंने सरकार से न्याय की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं हुई तो वे अनशन करेंगी।
संतों के सामने हाथ पकड़ा, भोजन करने से रोका
एसपी को दिए गए आवेदन में साध्वी ने बताया है कि 3 जून 2026 को फुलवारीपारा स्थित आश्रम में वे संतों के साथ भोजन कर रही थीं। तभी अध्यक्ष वहां आ गए। उन्होंने भोजन करने से रोका और संतों के सामने हाथ पकड़कर उठाने की कोशिश की। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी।
महिला की जमीन हथियाने जेसीबी चलवाई, गालियां दीं
इस बीच, भेड़ीमुड़ा (वार्ड 8) की रहने वाली विमला कश्यप ने भी एसपी दफ्तर पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। विमला के मुताबिक, उनकी पुश्तैनी जमीन (खसरा 3938) भेड़ीमुड़ा में है। पिछले 80-90 सालों से उनके पूर्वज वहां खेती-किसानी कर रहे हैं। आरोप है कि भाजपा नेता लवकुश कश्यप की नजर इस जमीन से लगी सरकारी जगह पर है। वे पद का दुरुपयोग कर अधिकारियों से मिलकर उस जमीन को अपनी बता रहे हैं। जमीन पर कब्जा करने जेसीबी चलवाई जा रही थी। विमला ने जब इसका विरोध किया, तो लवकुश ने गालियां दीं। टोनही प्रताड़ना अधिनियम लागू होने के बावजूद महिला को 'टोनही' कहकर अपमानित किया और मारपीट की धमकी दी। रतनपुर थाने में शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
रसूख का धौस: पुलिस भी खाती है खौफ
नगर पंचायत अध्यक्ष का रिकॉर्ड पहले से दागदार रहा है। लवकुश कश्यप आदतन अपराधी की श्रेणी में आता हैं। साल 2016 में उनके खिलाफ धारा 294, 506, 323 और एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। 2017 में भी सरकारी काम में बाधा डालने और गाली-गलौज (धारा 294, 186) का केस दर्ज हो चुका है। लवकुश शांति भंग करने के मामले में जेल की हवा भी खा चुका हैं। नेताओं के नाम की धौंस के कारण स्थानीय पुलिस कुछ नहीं कर पा रही है। चर्चा है कि इसी खौफ के कारण क्षेत्र की पुलिस एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी करने के बजाय सिर्फ जांच का दिखावा कर रही है।