
बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है। महाधिवक्ता विवेक शर्मा को अब एक और बड़ा सम्मान मिलने जा रहा है। हाईकोर्ट में उन्हें सीनियर अधिवक्ता का दर्जा देने की तैयारी शुरू हो गई है। फुल कोर्ट की बैठक में उनके नाम का प्रस्ताव रखा गया है। यह खबर लीगल पेशे से जुड़े लोगों के लिए बहुत खास है क्योंकि सीनियर एडवोकेट का गाउन पहनना हर वकील का सबसे बड़ा सपना होता है।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव ने 25 अगस्त को इस विषय पर आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जारी सूचना में आम जनता और कानूनविदों से राय मांगी गई है। आम जन 31 अगस्त 2026 तक अपने सुझाव हाईकोर्ट सचिवालय में सीधे जमा कर सकते हैं। समय सीमा खत्म होने के बाद 31 अगस्त के बाद आने वाले किसी भी सुझाव पर विचार नहीं किया जाएगा। समय कम है इसलिए बिलासपुर के कानूनी हलकों में इसकी और तेज चर्चा है। पूरी कानूनी प्रक्रिया छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय सीनियर एडवोकेट पदनाम नियम 2025 के नियम 6 के अनुसार पूरी की जा रही है।
विवेक शर्मा का कानूनी सफर नए अधिवक्ताओं के लिए प्रेरणा है। पिछले साल नवंबर 2025 में ही राज्य सरकार ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ का महाधिवक्ता नियुक्त किया था। राज्य का महाधिवक्ता होना भी अपने एक बड़ी जिम्मेदारी है। अब एक साल से भी कम कार्यकाल के बाद उन्हें सीनियर एडवोकेट का दर्जा देने की पहल उनकी कार्यशैली लंबे अनुभव की बानगी है।
बिलासपुर हाईकोर्ट में इस खबर के बाद से वकीलों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि तय समय में यह पूरी प्रक्रिया खत्म होने के बाद उनके नाम पर अंतिम मुहर लग जाएगी। एक साधारण वकील से राज्य का महाधिवक्ता और अब सीनियर एडवोकेट बनने तक का उनका यह सफर न्याय प्रणाली में उनके गहरे समर्पण को साफ दिखाता है। अब प्रदेश भर के वकीलों और आम लोगों की नजरें 31 अगस्त के बाद आने वाले हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर टिक गई हैं।