बिलासपुर। ग्राम पंचायत मेंड्रा में राजस्व विभाग का गजब खेल सामने आया है। तखतपुर एसडीएम ने जिन जमीनों की खरीद बिक्री और निर्माण कार्य पर रोक लगाई थी उसी जमीन का सकरी तहसीलदार ने नामांतरण कर दिया। मामला पकड़ में आने के बाद अब इसे मानवीय भूल बताया जा रहा है। जाहिर है सरकारी फाइलों में गलतियां अक्सर वहीं होती हैं जहां जमीन और मुनाफे का खेल बड़ा होता है।

आदेश दरकिनार कर किया नामांतरण 

तखतपुर एसडीएम नितिन तिवारी ने 3 जून को मेड्रा के 22 खसरा नंबरों की जांच के बाद इनके बटांकन और निर्माण पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। जारी आदेश में निर्देश है कि इन नंबरों की जमीन न तो बिकेगी और न ही कोई निर्माण होगा। कलेक्टर के सख्त निर्देश भी हैं कि अवैध प्लाटिंग पर रोक लगे। इसके बावजूद सकरी तहसीलदार राहुल शर्मा ने प्रतिबंधित खसरा नंबर 154/1 का नामांतरण कर दिया। जब मामला सीनियर अधिकारियों के संज्ञान में आया तो इस आदेश को वापस मंगाकर रिव्यू में डाल दिया गया।

 

ऐसे निकाला जा रहा है नया रास्ता

प्रतिबंधित खसरा नंबरों की रजिस्ट्री और नामांतरण के लिए नया खेल चल रहा है। राजस्व नियमों की खामियों का फायदा उठाकर धड़ल्ले से काम हो रहा है।

 

छोटे टुकड़ों का नया बटांकन कर उसे प्रतिबंध से मुक्त मान लिया जाता है।

 एसडीएम का स्थगन आदेश संपूर्ण बटांकन पर लागू होने के बाद भी रजिस्ट्री हो रही है।

  राजस्व रिकॉर्ड में पट्टे की कृषि भूमि पर बिना कलेक्टर की अनुमति के कॉलोनियां काटी जा रही हैं।

खेतों की जगह उग आईं कॉलोनियां

सैदा और मेंड्रा में अब खेतों की जगह कंक्रीट की कॉलोनियां बन गई हैं। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार ये कृषि भूमियां पहले किसानों को पट्टे पर दी गई थीं। नियम के खिलाफ बिना अनुमति के ये जमीनें बिकती गईं और खरीदारों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज भी हो गए। यह पूरा खेल कॉलोनाइजरों और राजस्व विभाग के मैदानी अमले की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।

 

प्रतिबंध के दायरे में शामिल कुछ प्रमुख खसरा नंबर

 

  • 154/1 | नंदलाल यादव भरत यादव |
  •  35/9 | नारायण सीताराम |
  • 626/1 | रमा बाई रामकुमार |
  • 1/92 | मोहम्मद शमीम खान |
  • 144/1 | नागेश्वर प्रसाद शुक्ला |

सकरी तहसीलदार का कहना है कि मानवीय त्रुटि के कारण नामांतरण आदेश जारी हो गया था और अब मामले को पुनर्विलोकन में ले लिया गया है। अब प्रश्न यही है कि ऐसी मानवीय भूल हमेशा प्रतिबंध वाली बेशकीमती जमीनों की फाइलों में ही क्यों होती है।