
मुंगेर: बिहार के मुंगेर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निगरानी विभाग ने आयुक्त कार्यालय के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई ने प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया है और सरकारी दफ्तरों में चल रहे भ्रष्टाचार पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आयुक्त कार्यालय में ट्रैप, मौके पर दबोचा गया आरोपी
निगरानी विभाग की टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर पेशकार मुकेश कुमार को 1.70 लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई सीधे आयुक्त कार्यालय परिसर में की गई, जिससे पूरे दफ्तर में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों के बीच दहशत का माहौल बन गया।
जमीन मामले में मांगी गई थी रिश्वत
प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी एक जमीन से जुड़े केस में पक्षकार से पैसे की मांग कर रहा था। उसने केस को प्रभावित करने और अनुकूल निर्णय दिलाने के बदले यह रकम मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने तत्काल कार्रवाई की योजना तैयार की।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
जैसे ही शिकायतकर्ता ने निगरानी टीम को जानकारी दी, अधिकारियों ने ट्रैप ऑपरेशन शुरू किया। तय योजना के अनुसार, जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। पूरी कार्रवाई गोपनीय तरीके से अंजाम दी गई, ताकि आरोपी को भनक न लगे।
जिले की पहली बड़ी ट्रैप कार्रवाई
बताया जा रहा है कि मुंगेर जिले में इस तरह की यह पहली बड़ी ट्रैप कार्रवाई है, जिसने स्थानीय प्रशासन में हलचल पैदा कर दी है। इस घटना के बाद अन्य सरकारी कार्यालयों में भी सतर्कता बढ़ गई है।
आरोपी से पूछताछ जारी
गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम आरोपी को अपने साथ ले गई है, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश हो रही है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। सरकार और एजेंसियां लगातार पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के प्रयास कर रही हैं।




