आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने नकली घी के बड़े कारोबार का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान एक गोदाम से मधुसूदन और पारस ब्रांड के नाम से पैक किया गया 120 किलो संदिग्ध नकली देशी घी बरामद किया गया है। आरोप है कि वर्षों से नामी कंपनियों के ब्रांड की हूबहू पैकेजिंग तैयार कर उपभोक्ताओं को धोखा दिया जा रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के बाद हुई छापेमारी
क्रीमी फूड लिमिटेड और वीआरएस फूड लिमिटेड के विपणन निगरानी अधिकारी जितेंद्र सिंह ने ट्रांस यमुना थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि बाजार में मधुसूदन और पारस ब्रांड के नाम से नकली घी बेचे जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। सूचना के आधार पर पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने हाथरस रोड स्थित टेड़ी बगिया, ईंट मंडी के पास एक दुकान और गोदाम पर छापा मारा।download-2026-06-26t152053356_1782468256

गोदाम से बरामद हुआ संदिग्ध घी
छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद व्यक्ति ने अपनी पहचान वीरेंद्र सिंह निवासी गोकुल नगर, फाउंड्री नगर के रूप में बताई। तलाशी के दौरान गोदाम से मधुसूदन ब्रांड के चार टीन और पारस ब्रांड के चार टीन, प्रत्येक 15-15 किलो वजन के संदिग्ध घी बरामद किए गए। कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा मौके पर पैकेजिंग और उत्पाद की प्रारंभिक जांच में बरामद टीन और आउटर कार्टन असली ब्रांड की हूबहू नकल पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि इन उत्पादों की बिक्री बिना वैध प्राधिकरण और बिल के की जा रही थी।

उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़, सरकार को भी नुकसान
प्रारंभिक जांच के अनुसार, नकली घी के जरिए न केवल उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी की जा रही थी, बल्कि संबंधित कंपनियों को आर्थिक नुकसान और सरकार को राजस्व की क्षति भी पहुंचाई जा रही थी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने विभिन्न ब्रांडों के घी के नमूने जांच के लिए सुरक्षित कर लिए हैं। मधुसूदन और पारस ब्रांड के एक-एक टीन को नमूने के रूप में अलग किया गया, जबकि शेष बरामद माल को सील कर पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।

10 साल से चल रहा था कथित कारोबार
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह करीब 10 वर्षों से वनस्पति घी और एसेंस मिलाकर कथित तौर पर नकली घी तैयार कर रहा था। इसके बाद उसे नामी कंपनियों की पैकेजिंग में भरकर बाजार में सप्लाई किया जाता था। थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस अवैध कारोबार से जुड़े निर्माण, पैकेजिंग और सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी है और मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।