
नई दिल्ली। देश के चर्चित NEET UG पेपर लीक मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने राउज एवेन्यू कोर्ट को बताया है कि इस मामले में तैयार की गई चार्जशीट करीब 20 हजार पन्नों की है। अदालत ने चार्जशीट को रिकॉर्ड पर लेते हुए CBI को उससे जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य जमा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है।
20 हजार पन्नों की चार्जशीट, 360 गवाह और 43 भौतिक सबूत
CBI के अनुसार, आरोपपत्र में 422 दस्तावेज, 360 गवाहों की सूची और 43 भौतिक साक्ष्य शामिल किए गए हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने चार्जशीट में उल्लिखित बयानों और अन्य दस्तावेजों को लेकर सवाल उठाया, जिस पर CBI ने बताया कि एनेक्सर से जुड़े दस्तावेजों की स्कैनिंग जारी है। अदालत ने एजेंसी को आवश्यक दस्तावेज दाखिल करने के लिए समय देते हुए अगली सुनवाई 3 अगस्त तय की है।
13 आरोपी न्यायिक हिरासत में
इस मामले में फिलहाल 13 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। इनमें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के तीन विषय विशेषज्ञों के अलावा कई कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग और कथित बिचौलिए शामिल हैं। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
चार्जशीट में किन-किन के नाम?
CBI की चार्जशीट में NTA के तीन विषय विशेषज्ञों मनीषा मंधारे (जीवविज्ञान), प्रल्हाद विट्ठलराव (रसायन विज्ञान) और मनीषा संजय हवलदार (भौतिकी) के नाम शामिल हैं। इसके अलावा कई कथित बिचौलियों, कोचिंग संस्थानों से जुड़े संचालकों और शिक्षकों को भी आरोपी बनाया गया है।
अब 3 अगस्त पर टिकी नजर
NEET पेपर लीक मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को विशेष फास्ट-ट्रैक अदालत में होगी। इस दौरान CBI शेष दस्तावेज और साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश करेगी। मामले की प्रगति पर देशभर के लाखों छात्र और अभिभावकों की नजर बनी हुई है।