
बिलासपुर । जिले की धार्मिक नगरी रतनपुर में चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रतनपुर नगर पंचायत अध्यक्ष लवकुश कश्यप बड़े विवाद में घिर गए हैं। उनके खिलाफ पद्मनिपुरी साध्वी ने बिलासपुर एसपी (पुलिस अधीक्षक) कार्यालय पहुंचकर उत्पीड़न की शिकायत की है। साध्वी ने अध्यक्ष पर लगातार पीछा करने, सरेआम अपमानित करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस से निष्पक्ष जांच और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाते हुए साध्वी ने जो बातें बताई हैं, उससे इलाके में हड़कंप मच गया है।
भरे समाज में बेइज्जती और धमकी का आरोप
एसपी को सौंपे गए अपने शिकायती आवेदन में साध्वी पद्मनिपुरी ने 3 जून 2026 की एक घटना का विस्तार से जिक्र किया है। साध्वी के मुताबिक, वह फुलवारीपारा स्थित मथुरावासी हनुमान मंदिर आश्रम के एक धार्मिक आयोजन में शामिल होने गई थीं। वहां जब वह अन्य संत-महात्माओं के साथ बैठकर भोजन कर रही थीं, तभी नगर पंचायत अध्यक्ष लवकुश कश्यप वहां पहुंच गए।
आरोप है कि अध्यक्ष ने उन्हें भरे समाज में भोजन करने से मना कर दिया और तुरंत वहां से उठ जाने को कहा। जब साध्वी ने इस बात का विरोध किया, तो अध्यक्ष ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। बात इतनी बढ़ गई कि संत-महात्माओं के सामने ही उनका हाथ पकड़कर उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की गई। साध्वी का कहना है कि उनके मान-सम्मान को गहरी ठेस पहुंचाई गई और उन्हें सरेआम जान से मारने की धमकी तक दी गई। घटना के वक्त वहां आश्रम के महंत और कई प्रत्यक्षदर्शी मौजूद थे।
गंदी नीयत से करते हैं पीछा, मठ में करते हैं अशोभनीय इशारे
पत्रकारों से बातचीत करते हुए साध्वी ने नगर पंचायत अध्यक्ष पर जो व्यक्तिगत आरोप लगाए हैं, वे बेहद संगीन हैं। साध्वी ने कहा कि वे लवकुश कश्यप की मानसिकता और उनके गलत मंसूबों को अच्छी तरह समझ चुकी हैं। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि अध्यक्ष कामुक मानसिकता से प्रेरित होकर उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं।
आपको बता दें कि उज्जैन में संत दीक्षा लेने के बाद साध्वी वर्तमान में चपोरा स्थित एक मठ में रहकर अपनी साधना करती हैं। उनका आरोप है कि अध्यक्ष वहां मठ तक भी पहुंच जाते हैं और उनके साथ अशोभनीय इशारे और हरकतें करते हैं। इन सब के कारण वे खुद को बेहद असुरक्षित महसूस कर रही हैं। जहां भी साध्वी का आना-जाना होता है, अध्यक्ष वहां पहुंचकर लोगों को उनके खिलाफ भड़काने का प्रयास करते हैं।
थाने में नहीं हुई सुनवाई, अब एसपी से लगाई गुहार
साध्वी का कहना है कि इस मामले की शिकायत उन्होंने पहले रतनपुर थाने में भी दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। लगातार हो रही इन घटनाओं से उनकी मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है और अब उन्हें अपनी जान की फिक्र सताने लगी है।
अपने आवेदन में साध्वी ने आश्रम परिसर में पहले हुए एक सीमेंट टैंक के विवाद का भी हवाला दिया है, जिसे बाद में गांव के नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में समझाइश देकर शांत कराया गया था। फिलहाल, डरी-सहमी साध्वी ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस पूरे मामले की बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच की जाए। साथ ही नगर पंचायत अध्यक्ष लवकुश कश्यप और उनके सहयोगियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।